नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनपद पंचायत नीमच के ग्राम बोरदिया खुर्द में जनभागीदारी की प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। यहां ग्राम पंचायत और 9 प्रगतिशील किसानों ने मिलकर जल संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
परकोलेशन टैंक से निकाली उपजाऊ मिट्टी-
ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व वर्षों में निर्मित परकोलेशन टैंक में जमा उपजाऊ मिट्टी को किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से निकालकर निजी खेतों में डालना शुरू किया है। इस कार्य में ग्राम पंचायत द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
180 ट्रॉली मिट्टी खेतों में पहुंची-
अब तक 9 किसानों द्वारा 180 ट्रॉली उपजाऊ मिट्टी निकालकर खेतों में डाली जा चुकी है। साथ ही करीब 150 से अधिक ट्रॉली मिट्टी और निकाले जाने का कार्य जारी है। इस प्रयास से परकोलेशन टैंक की जलग्रहण क्षमता लगभग 1000 घन मीटर बढ़ जाएगी, वहीं किसानों को बिना किसी शासकीय व्यय के उच्च गुणवत्ता वाली उपजाऊ मिट्टी भी प्राप्त होगी।
आत्मनिर्भरता का बना मॉडल-
यह पहल बिना शासन के वित्तीय सहयोग के जनसहभागिता से जल संरचना सुदृढ़ करने और किसानों को लाभ पहुंचाने का उत्कृष्ट मॉडल बनकर सामने आई है।
पूरे जिले में लागू होगा मॉडल-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान तभी सफल होगा, जब समाज का हर वर्ग इससे जुड़ेगा। बोरदिया खुर्द के किसानों ने यह कर दिखाया है। इस मॉडल को पूरे जिले में लागू किया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव ने बताया कि मानसून पूर्व सभी जल संरचनाओं से मिट्टी निकालने के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। किसान इस मिट्टी का उपयोग अपने खेतों में कर सकेंगे।