नीमच। महिलाओं और बच्चों के साथ बढ़ती हिंसा एवं लैंगिक अपराधों की रोकथाम को लेकर जन साहस संस्था द्वारा शासकीय विभागों के सहयोग से पुराना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भवन, नीमच में पोक्सो एक्ट 2012 विषय पर एक दिवसीय स्टेकहोल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद संस्था द्वारा अतिथियों का पौध भेंटकर स्वागत किया गया।
कार्यशाला में मनासा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं ग्रामीण परियोजना अधिकारी ने ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समय-समय पर आयोजित होती रहनी चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि ने संस्था द्वारा महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता से लेना आवश्यक है। पुलिस सहित सभी संबंधित विभागों को पीड़ितों के साथ नम्र व्यवहार करते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
जन साहस संस्था की लीगल टीम से पूर्णिमा जी ने पीपीटी के माध्यम से लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पोक्सो एक्ट) की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम की प्रमुख धाराओं, वर्ष 2019 एवं 2020 में हुए संशोधनों, आजीवन कारावास और मृत्युदंड जैसे प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका भी समझाई गई। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के समाधान भी दिए गए।
क्लस्टर समन्वयक कुलदीप जी ने बताया कि जन साहस संस्था महिलाओं और बच्चों के संवेदनशील मामलों में पुनर्वास एवं जागरूकता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, डीएलओ प्रवीण कुमार, बीईओ बी.एल. जावरिया, परियोजना अधिकारी इरफान अंसारी, आभा पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी, ऊर्जा डेस्क प्रभारी एवं जन साहस संस्था की टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र जी ने किया, जबकि आभार जिला समन्वयक गजानंद जी ने माना।