दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया शहर में रविवार को शहीदाने कर्बला की याद में एक भव्य मजलिश का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में कानपुर से आए प्रख्यात धर्मगुरु मौलाना फिरोज हैदर विशेष रूप से शामिल हुए और उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को इंसानियत और मानवता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। मजलिश को संबोधित करते हुए मौलाना फिरोज हैदर ने कहा कि “इंसान वही है, जिसमें इंसानियत हो। यदि किसी व्यक्ति में मानवता नहीं है, तो वह केवल दो पैरों पर चलने वाला जीव मात्र है।” उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि यदि किसी जरूरतमंद की मदद करने का अवसर मिले तो बिना किसी भेदभाव के उसकी सहायता करें। यही सबसे बड़ा नेक काम है और यही रास्ता इंसान को अल्लाह और रसूल की नजर में ऊंचा बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुरान केवल मुसलमानों की किताब नहीं, बल्कि अल्लाह और रसूल का संदेश है, जिस पर सभी को चलना चाहिए।मजलिश के दौरान कर्बला की महान परंपरा और मौला हुसैन की कुर्बानी का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि कर्बला का दरबार सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है, जहां हर कोई अपनी आस्था के साथ आता है और अपनी मुरादें लेकर लौटता है।इस अवसर पर दतिया जिले की ग्राम पंचायत जनौरी निवासी अजय कुमार बंशकार का अनुभव भी साझा किया गया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक संतान सुख से वंचित रहने के बाद जब उन्होंने मौला हुसैन के दरबार से आस्था जोड़ी, तो उनकी मनोकामना पूर्ण हुई और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। इसी खुशी में उनके परिवार द्वारा कर्बला में मजलिश का आयोजन कराया गया तथा बच्चे का पालना संस्कार भी विधि-विधान से संपन्न किया गया। कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जो सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बनी।अंत में श्रद्धालुओं के लिए विशालभंडारे का आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में दूर दराज से आए लोगों ने (तबर्रूक)प्रसाद ग्रहण किया।