नीमच। मनासा क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व हुए चर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दोषी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति की हत्या कर प्रेमी के साथ नई जिंदगी बसाने की साजिश रचने वाली महिला को अदालत ने दोषी मानते हुए अर्थदंड से भी दंडित किया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष यादव की अदालत ने आरोपी ममता बंजारा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
सोते हुए पति की कर दी हत्या-
अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 सितंबर 2020 को ग्राम आमद में यह वारदात हुई थी। मृतक तूफान बंजारा घर पर सो रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी पर गए हुए थे। घर में अकेली मौजूद पत्नी ममता बंजारा ने मौके का फायदा उठाकर पहले लोहे के हथौड़े से पति के सिर पर वार किया और बाद में धारदार हथियार से गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह-
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी महिला के एक अन्य व्यक्ति से लंबे समय से संबंध थे। बताया गया कि वह अपने वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं थी और प्रेमी के साथ रहने के लिए उसने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला राज-
घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया।
अदालत का सख्त फैसला-
अपर लोक अभियोजक गुलाब सिंह चंद्रावत ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने अपराध को गंभीर और जघन्य मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को हत्या जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।