BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच जिले के इन गांवों में मचा था मगरमच्छ.. <<     KHABAR : एमपी के शाजापुर में नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : शिक्षा की मुस्कान, पालक संघ ने नौनिहालों.. <<     BIG NEWS : नशामुक्ति का संदेश देकर संपन्न हुई एसपी.. <<     NEWS : श्रावण मास में उज्जैन स्टेशन पर विशेष.. <<     NEWS : 51 कन्या पूजन और संतों के महाप्रसाद के साथ.. <<     NEWS : महाकाल की नगरी को निकले कांवड़ियों का मधुबन.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG REPORT : कुकड़ेश्वर में आवारा सांड और कुत्तों का.. <<     NEWS : सेंती में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला का.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ कलक्ट्रेट में दिव्यांगजनों के.. <<     BIG NEWS : मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़.. <<     NEWS : जनसुनवाई में जिला कलक्टर ने सुनी आमजन की.. <<     NEWS : जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों को दिए सफलता.. <<     NEWS : मेवाड़ के लिए सांसद सी.पी. जोशी की बड़ी पहल,.. <<     KHABAR : मुलठान में किसानों-कांग्रेस ने मिलकर.. <<     NEWS : कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग जिला.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 28, 2026, 1:57 pm
KHABAR : नीमच जिले के सरवानिया महाराज में शासकीय भूमि नामांतरण में अनियमितता, कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची शिकायत, अधिकारियों पर जांच की मांग, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। जिले की नगर परिषद सरवानिया महाराज में शासकीय भूमि के नामांतरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासी राजकुमार टाक ने कलेक्टर नीमच को आवेदन सौंपकर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) तेजकरण गुनौड़िया तथा राजस्व शाखा प्रभारी प्रवीण कुमार उपाध्याय के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है।

प्रार्थी के अनुसार वर्ष 2019 में वार्ड क्रमांक 14 स्थित काल भैरव श्मशान के समीप भूमि का नामांतरण प्रस्ताव क्रमांक 209 के अंतर्गत किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति का नाम उक्त प्रस्ताव सूची में दर्ज नहीं था। साथ ही मात्र आठ दिनों में नामांतरण प्रक्रिया पूर्ण किए जाने को भी संदेहास्पद बताया गया है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 19 सितंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) जावद द्वारा 0.007 हेक्टेयर भूमि का नामांतरण निरस्त करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन वर्तमान में नगर परिषद द्वारा उक्त आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।

इसके अलावा विवादित भूमि के एक हिस्से को, जिसे पूर्व में नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा अतिक्रमण घोषित कर हटाने के आदेश दिए गए थे, विक्रय किए जाने तथा नगर परिषद द्वारा बिना राजस्व नामांतरण के ही दर्ज किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

प्रार्थी का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई तो यह कहकर नामांतरण निरस्त करने से इनकार कर दिया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि पूर्व में इसी स्थिति में नामांतरण किया जाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

राजकुमार टाक ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा एसडीएम के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE