नीमच। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य के तहत नीमच की एक और बालिका को परिवार का स्नेह प्राप्त हुआ है। नीमच स्थित बाल गृह में आश्रयरत 6 वर्षीय बालिका गौरी (परिवर्तित नाम) को विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर केरल के सोनी दंपति (परिवर्तित नाम) द्वारा गोद लिया गया।
प्रशासनिक मार्गदर्शन में हुई प्रक्रिया-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में जिले में मिशन वात्सल्य का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नीमच अंकिता पंड्या ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत यह दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पूर्ण की गई।
बालिका का विवरण-
बालिका गौरी (परिवर्तित नाम), आयु 6 वर्ष 4 माह, वर्ष 2020 से नीमच के सुखसागर महिला मंडल में आश्रयरत थी। संस्था द्वारा परिवार की खोज के कई प्रयास किए गए। एक महिला द्वारा बालिका की माता होने का दावा किया गया, किंतु वह कोई दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।
कानूनी प्रक्रिया के बाद ‘लीगल फ्री’ घोषित-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार विभाग द्वारा विगत 11 माह में की गई कार्यवाही के पश्चात अन्य कोई जानकारी प्राप्त नहीं होने पर विधिवत विज्ञप्ति प्रकाशित कर बालिका को ‘लीगल फ्री’ घोषित किया गया तथा CARA पोर्टल पर पंजीकृत किया गया।
केरल के दंपति को मिली संतान सुख की अनुभूति-
केरल निवासी सोनी दंपति का विवाह वर्ष 2000 में हुआ था। लगभग 20 वर्षों तक संतान सुख न मिलने के कारण उन्होंने अक्टूबर 2020 में CARA पर पंजीयन कराया था। साढ़े 5 वर्ष के प्रतीक्षा काल के बाद बालिका गौरी के रूप में उन्हें दत्तक ग्रहण का अवसर प्राप्त हुआ।
परिवार में खुशी का माहौल-
नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर बालिका को सोनी दंपति को सौंपा गया। बालिका को पाकर दंपति का परिवार पूर्ण हो गया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने बालिका एवं दंपति को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बालिका गौरी अपने नए परिवार को पाकर अत्यंत प्रसन्न है।