नीमच। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों एवं जिलों के कलेक्टरों से चर्चा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वन, आदिम जाति कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव जैन ने विद्यार्थियों के स्कूलों में नामांकन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत शाला जाने योग्य विद्यार्थियों का स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। कोई भी विद्यार्थी ड्रॉपआउट न रहे। आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की जानकारी ऐप पर अपलोड की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि 6 वर्ष तक का प्रत्येक बच्चा या तो आंगनवाड़ी में दर्ज हो अथवा किसी विद्यालय में नामांकित हो।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने सभी निरक्षरों को साक्षर बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायतों में नए राजस्व स्रोत विकसित करने तथा सभी नल-जल योजनाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने नवीन चिन्हित एसईएम, एमईएम एवं एसयूडब्ल्यू श्रेणी के बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने चयनित ग्रामों में पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नवीन दुग्ध समितियों के गठन, दुग्ध संग्रहण केंद्र स्थापित करने तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग की तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है।
इसके अलावा ज्ञान भारतम मिशन के तहत दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, संकलन एवं पोर्टल पर अपलोड करने तथा जनगणना मकान सूचीकरण कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश भी सभी जिलों को दिए गए।