नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने गुरुवार को “किसान की सुविधा सर्वाेपरि” के संकल्प के साथ जिले के गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने हरखियाखाल चौराहे के समीप वेदांता वेयरहाउस स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र चल्दू तथा कृषि उपज मंडी जीरन में स्थापित दो केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ खड़े किसानों से चर्चा कर गेहूं तुलाई में लगने वाले समय, छाया, पेयजल, बारदाना, हम्मालों की उपलब्धता तथा भुगतान व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्वयं उपार्जित गेहूं की गुणवत्ता भी परखी।
किसानों के हित में दिए अहम निर्देश-
कलेक्टर ने सभी उपार्जन केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटों एवं हम्मालों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए। भुगतान संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने के लिए वेयरहाउस एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही उपार्जित गेहूं के भंडारण एवं परिवहन की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
लहसुन किसानों से किया संवाद-
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जीरन मंडी के लहसुन शेड पहुंचे और राजस्थान से आए किसान बजेराम सहित अन्य उत्पादकों से चर्चा कर उपज की गुणवत्ता एवं भाव की जानकारी ली। किसानों ने लहसुन की गुणवत्ता खराब होने की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से समाधान कराने तथा रोग निवारण हेतु विशेष जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मंडी सचिव को लहसुन उत्पादक किसानों की संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर पराग जैन, सुश्री श्रुति भयड़िया, सहायक आयुक्त सहकारिता राजू डाबर, जिला सहकारी बैंक के आर.पी. नागदा, जिला आपूर्ति अधिकारी आर.एन. दिवाकर, मंडी सचिव उमेश बसेड़िया, जीरन मंडी प्रभारी अनिल सिंह परिहार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।