मुरैना। जिले के लहर गांव में किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा। तेज बारिश, कीचड़ और खराब मौसम भी किसानों के हौसले को डिगा नहीं सका। किसानों ने ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में 30 अप्रैल को महा आक्रोश आंदोलन करते हुए चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान एक्सप्रेस-वे पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है और न ही पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
भीषण बारिश और कीचड़ के बीच भी किसान अपने आंदोलन पर डटे रहे। इस दौरान एडवोकेट रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि जब तक चार गुना मुआवजा नहीं दिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटी और पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार मौके पर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया।
इस दौरान रामकुमार उपाध्याय के नेतृत्व में लाखन सिंह गुर्जर, रामकुमार शुक्ला, धीरेन्द्र राजपूत, रामवरण तोमर, रघु तोमर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
वहीं भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शन किया।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।