खरगोन। डॉ. मोहन यादव ने किसानों से किए वादे को निभाते हुए खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह उपार्जन केंद्र मंडलेश्वर तहसील के अंतर्गत आता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके साथ चाय भी पी। इस दौरान उन्होंने उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी सुविधाएं और बेहतर की जाएं।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम महेश्वर में किया था। इसके बाद वे सुबह जलूद स्थित हेलीपेड से भोपाल के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने अचानक कतरगांव उपार्जन केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया।
प्रदेश सरकार द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, बैठने की व्यवस्था, अतिरिक्त तौल कांटे और गुणवत्ता परीक्षण जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। सरकार ने चमक विहीन, सूकड़े और क्षतिग्रस्त गेहूं की स्वीकृत सीमा में भी राहत प्रदान की है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए हैं, जबकि 5.08 लाख किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। इस वर्ष सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण को किसानों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।