बुरहानपुर। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर बहादरपुर सूत मिल के गेट पर मजदूरों ने प्रदर्शन किया। बुरहानपुर मजदूर यूनियन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मजदूरों ने अपने बकाया पीएफ और ग्रेच्युटी के 56 करोड़ रुपए के भुगतान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान, मजदूरों ने प्रतीकात्मक रूप से श्उम्मीदों की अर्थीश् निकाली। उनका आरोप है कि उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि उनका करोड़ों रुपए का बकाया लंबित है।
बहादरपुर सूत मिल वर्ष 1998-99 में बंद हो गई थी। तब से लेकर अब तक, 28 वर्षों बाद भी, सैकड़ों मजदूरों को उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य फंड की बकाया राशि नहीं मिली है।
भेदभाव पर सवाल उठाया
यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा कि यह प्रतीकात्मक अर्थी उन मजदूरों की आवाज है जो अपना हक पाए बिना ही दुनिया से चले गए। उन्होंने इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 224 करोड़ रुपए के भुगतान का उदाहरण देते हुए बुरहानपुर के मजदूरों के साथ हो रहे भेदभाव पर सवाल उठाया।
सिंह ने मांग की कि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तुरंत हस्तक्षेप करे। उन्होंने मिल की जमीन का निस्तारण कर मजदूरों के बकाया 56 करोड़ रुपए का ब्याज सहित भुगतान करने की अपील की।
भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे
यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर बहादरपुर सूत मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता है, तो बुरहानपुर मजदूर यूनियन के कार्यकर्ता मजदूरों के साथ मिलकर राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
इस अवसर पर यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पीड़ित मजदूर उपस्थित थे। उन्होंने श्मजदूर एकता जिंदाबाद और श्हमारा हक हमें दोश् के नारे लगाए। उपस्थित लोगों में मुकेश अरुण, श्रीराम मेढे, शेख सत्तार, शेख रहमान, कैलाश पहलवान, सैयद कादिर, केशव तायड़े, विनोद लोंढे, मुकेश पवार आदि शामिल थे।