चित्तौड़गढ़। शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक को ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष जयपाल बुरड़क ने कहा कि प्रदेशभर में लू और गर्मी के प्रकोप के बावजूद ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती करना उचित नहीं है। साथ ही संस्था प्रधान के विवेकाधीन अवकाश में एक दिन की कमी करना भी तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जून माह में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों में पेयजल, पंखे और छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में जून माह में विद्यालय संचालन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण होगा।
जिलामंत्री प्रदीप चौधरी ने कहा कि सरकार पोषाहार एवं ट्रांसपोर्ट वाउचर का भुगतान शीघ्र जारी करे। जिला सभाध्यक्ष सुनील यादव ने नवचयनित शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश जारी करने की मांग उठाई।
जिला उपाध्यक्ष विजेंद्र अवाना ने सभी संवर्गों के लिए स्थायी एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाकर शीघ्र तबादले करने की मांग की। जिला संयुक्त मंत्री सचिन मान ने न्यायालय में लंबित डीपीसी प्रकरण की मजबूत पैरवी कर 1 अप्रैल 2026 की डीपीसी प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग रखी।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर ओमप्रकाश बाज्या, प्रतापसिंह हाड़ा, वीरेंद्र पूनिया, बिमलेश सिहाग, मुकेश शर्मा, विकास कुमार, रामरतन, नीरज नूनिया, विवेक कालेर, चंद्रमोहन शर्मा, भगवान सिंह सोलंकी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।