नीमच। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने गांधी वाटिका में सभा आयोजित की। इस दौरान मजदूर नेताओं ने सरकार की नीतियों और नए लेबर कोड के खिलाफ विरोध जताया।
वक्ताओं ने कहा कि 8 घंटे काम का अधिकार शिकागो के शहीदों के संघर्ष का परिणाम है, जिसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में कई फैक्ट्रियों में मजदूरों से 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, जो शोषण है।
नेताओं ने यह भी कहा कि 8 से 10 हजार रुपये की कम मजदूरी में बढ़ती महंगाई के बीच जीवनयापन मुश्किल हो गया है। साथ ही नए लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए इसे “डेथ वारंट” करार दिया गया।
सभा में कहा गया कि नए कानूनों से स्थायी नौकरियां खत्म होकर मजदूर ठेकेदारी व्यवस्था के अधीन हो जाएंगे। अंत में मजदूरों और किसानों ने मिलकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।