उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच एक ऐसी तपस्या देखने को मिल रही है, जिसने श्रद्धालुओं को आश्चर्य और आस्था दोनों से भर दिया है। जब आम लोग 40 डिग्री तापमान में घरों से निकलने से बच रहे हैं, नारायण-नारायण गोसेवा आश्रम में बाबा भरत दास जी अपनी कठोर अग्नि तप साधना में लीन हैं।
पिछले करीब 5 वर्षों से निरंतर चल रही इस साधना में बाबा रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चारों ओर सुलगते कंडों और ऊपर प्रज्वलित अग्नि के बीच बैठकर “नारायण-नारायण” का जाप करते हैं।आत्मसंयम और अटूट विश्वास का जीवंत उदाहरण भी मानी जा रही है।
आश्रम, विष्णु सागर स्थित राम जनार्दन मंदिर के सामने है, जहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी और आग की लपटों के बीच उनकी शांत मुद्रा लोगों के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां सामान्य व्यक्ति कुछ मिनट धूप में खड़ा नहीं रह पाता, वहीं बाबा घंटों तक अग्नि के बीच बैठकर साधना करते हैं। यही वजह है कि उनकी तपस्या को लोग केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण और आत्मबल की पराकाष्ठा मान रहे हैं।
वहीं शहर में इन दिनों अन्य साधनाएं भी चल रही हैं, जिनमें अष्टधूनी तपस्या का आयोजन भी शामिल है। शिप्रा तट स्थित चक्रतीर्थ क्षेत्र में संतों द्वारा निर्धारित अवधि तक यह साधना की जा रही है, जिसे देखने और संतों के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।