उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पहुंच मार्ग पर स्थित बेगमबाग क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर चला। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे कार्रवाई शुरू करते हुए 5 अवैध बिल्डिंगों को जमींदोज करना शुरू किया।
यह कार्रवाई लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खत्म होने के बाद की जा रही है। पोकलेन और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, यह जमीन विकास प्राधिकरण की है, जिसे वर्ष 1985 में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। लेकिन भूखंड धारकों ने नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक निर्माण कर लिया। वर्ष 2014-15 में लीज समाप्त होने के बाद भी इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया।
पहले भी हो चुकी बड़ी कार्रवाई
बेगमबाग क्षेत्र में इससे पहले भी छह चरणों में करीब 58 अवैध बिल्डिंगों को तोड़ा जा चुका है। वर्तमान कार्रवाई के बाद अब तक कुल 63 निर्माण हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष 27 पर भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।
45 प्लॉट, 90 निर्माण
जानकारी के मुताबिक, विकास प्राधिकरण ने 45 आवासीय भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन नियमों के विपरीत इन्हें विभाजित कर करीब 90 व्यावसायिक बिल्डिंग बना ली गईं।
शांतिपूर्ण रही कार्रवाई
संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को वाहनों के लिए बंद रखा गया और केवल श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति दी गई। खास बात यह रही कि इस बार कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ और कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
2028 सिंहस्थ को ध्यान में रखकर तैयारी
प्राधिकरण के सीईओ संदीप कुमार सोनी के अनुसार, जिस स्थान पर कार्रवाई की जा रही है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
प्रशासन का कहना है कि नियमों के उल्लंघन और लीज समाप्त होने के कारण यह कार्रवाई जरूरी थी, और आगे भी इसी तरह अवैध निर्माणों पर सख्ती जारी रहेगी।