नीमच। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में शनिवार को उज्जैन संभाग की उपार्जन एवं पेयजल प्रदाय व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपार्जन व्यवस्था पर दिए निर्देश-
अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों के हित में आवश्यक निर्देश दिए।
समय पर भुगतान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार किसानों को उपार्जन का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।
बुनियादी सुविधाएं: सभी उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, छांव एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
सतत निरीक्षण: संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें और प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित कराएं।
पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर-
ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
गुणवत्ता जांच: पेयजल स्रोतों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
जलाशयों की मॉनिटरिंग: सभी जलाशयों की लगातार निगरानी की जाए, ताकि जल उपलब्धता की स्थिति स्पष्ट बनी रहे।
बंद योजनाएं चालू करें: तकनीकी कारणों से बंद नल-जल योजनाओं को तत्काल तकनीकी सहायता देकर पुनः शुरू किया जाए।
वैकल्पिक व्यवस्था: आवश्यकता पड़ने पर निजी जलस्रोतों का अधिग्रहण कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नीमच जिले से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला आपूर्ति अधिकारी, पीएचई विभाग के अधिकारी तथा सभी नगरीय निकायों के सीएमओ शामिल हुए।