देवास। जिले में कुपोषण से जूझ रहे नन्हे जीवनों को बचाने के लिए एक सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने अमलतास अस्पताल में ‘किलकारी अभियान 2.0’ का शुभारंभ किया, जो सैकड़ों बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया है।
इस अभियान के तहत गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को 14 दिनों तक अस्पताल में निरूशुल्क भर्ती कर उनका संपूर्ण उपचार किया जाएगा। बच्चों की गहन जांच (स्क्रीनिंग) के जरिए सही समय पर सही इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अभी तक 242 बच्चों की स्क्रीनिंग में 72 बच्चों को अमलतास अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि जिले की विभिन्न एनआरसी में भी बड़ी संख्या में बच्चों का उपचार जारी है।
कलेक्टर सिंह ने बच्चों की माताओं से आत्मीय संवाद कर उन्हें पौष्टिक आहार और स्वच्छता के महत्व को समझाया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि हर बच्चे का समय पर टीकाकरण हो और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही माताओं को भरोसा दिलाया कि इलाज के दौरान उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ बच्चों ही नहीं, बल्कि उनकी माताओं के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें सही खान-पान, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं अस्पताल प्रबंधन की टीम भी उपस्थित रही।
‘किलकारी अभियान 2.0’ न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि उन मासूम जिंदगियों को संवारने का एक भावनात्मक प्रयास है, जो सही पोषण और देखभाल के अभाव में कमजोर पड़ रही थीं। अब यह पहल उनके जीवन में नई ऊर्जा, नई मुस्कान और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रही है।