नीमच। जिले के जावद क्षेत्र में प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती का मामला अब सामाजिक प्रताड़ना, कथित अवैध वसूली और धमकियों के आरोपों के चलते सुर्खियों में आ गया है। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंची आरती राडोदिया ने विस्तृत आवेदन सौंपते हुए क्षेत्र के कथित हिस्ट्रीशीटर और कुछ समाज के पंचों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
विवाह के बाद लगातार प्रताड़ना का आरोप-
प्रार्थिया आरती ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में प्रेम विवाह करने के बाद से ही उसके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2015 में उसके पति प्रदीप राडोदिया पर जानलेवा हमला कराया गया, जिसमें बस स्टैंड पर गोली चलाई गई थी। इस घटना में पति गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि उनकी 11 माह की मासूम बच्ची भी घायल हुई थी।
11 लाख रुपये वसूली का आरोप-
महिला का आरोप है कि इसके बाद परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और पुनः समाज में शामिल करने के नाम पर 11 लाख रुपये की मांग की गई। भय और सामाजिक दबाव के कारण परिवार को रिश्तेदारों एवं बाजार से कर्ज लेकर यह राशि चुकानी पड़ी। प्रार्थिया ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय में चल रहे प्रकरण को वापस लेने के लिए भी लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
अवैध वसूली और धमकी के आरोप-
आवेदन में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग समाज के नाम पर गरीब परिवारों से अवैध वसूली कर रहे हैं तथा प्रेम विवाह, अंतरजातीय विवाह और सामाजिक रीति-रिवाजों को लेकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है।
प्रशासन से सुरक्षा और जांच की मांग-
प्रार्थिया ने प्रशासन से मांग की है कि कथित रूप से संचालित संस्था और संबंधित लोगों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामाजिक न्याय दिलाने की भी मांग की गई है। मामले में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।