नीमच। केंद्र सरकार द्वारा पांच दिनों के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि किए जाने को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। पूर्व पार्षद हारून रशीद कुरैशी ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ईंधन के दाम बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ रही है। “जनता को किस्तों में क्यों मारा जा रहा है,” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दाम बढ़ाने ही हैं तो एक बार में बढ़ा दिए जाएं, ताकि बार-बार जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।
कुरैशी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं, जिसका कारण राज्य सरकार द्वारा लगाया जा रहा अधिक वैट है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ईंधन महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में भी वृद्धि होगी और इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा।
पूर्व पार्षद ने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।