चित्तौड़गढ़। उपनगरीय क्षेत्र चंदेरिया में आस्था मित्र मंडल द्वारा दसवां श्री श्याम सुर संगम कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। मंडल के संयोजक अशोक भंडारी ने बताया कि दशम वार्षिकोत्सव के अंतर्गत विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
चार दिवसीय आयोजन का समापन भजन संध्या से
कार्यक्रम के तहत बुधवार को श्री श्याम मेहंदी एवं ताली कीर्तन, गुरुवार 21 मई को श्री श्याम निशान पैदल यात्रा, शुक्रवार 22 मई को हास्य कवि सम्मेलन तथा शनिवार 23 मई को रात्रि 8 बजे से श्याम सुर संगम भजन संध्या का आयोजन सर्वाेदय साधना संघ प्रांगण में किया गया, जो अलसुबह तक चला।
भजन संध्या में उमड़ा भक्तों का सैलाब
भजन संध्या में हरि राजस्थानी (प्रतापगढ़), पारस, माधवी, मास्टर ध्रुवंश, लाडला ब्रज धाम वृंदावन, प्रेम शर्मा (लक्ष्मणगढ़ सीकर) सहित कई कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। अखंड ज्योत, छप्पन भोग, पुष्प एवं इत्र वर्षा तथा आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहे।
जीवंत स्टेज बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हर्षित क्रिएशन चित्तौड़गढ़ एवं सिद्धि विनायक इवेंट्स चंदेरिया द्वारा चित्तौड़गढ़ दुर्ग की तर्ज पर निर्मित भव्य स्टेज रहा। इसमें किले के सात द्वार, जोहर एवं अन्य ऐतिहासिक झलकियों का प्रदर्शन किया गया। गणेश पोल पर बाबा श्री खाटू श्याम की छवि का सांवलिया सेठ स्वरूप में अलौकिक श्रृंगार कर स्थापना की गई।
भक्ति और संदेशों से सराबोर हुआ पंडाल
गणपति एवं गुरु वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भजन संध्या के दौरान पूरा पंडाल “राधे-राधे” एवं “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने भजनों के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिए, जिनमें कन्या भ्रूण हत्या न करने, माता-पिता के सम्मान तथा भक्ति भावना का संदेश प्रमुख रहा।
देशभक्ति और आध्यात्मिकता का संगम
कार्यक्रम में महाराणा प्रताप, भगवान श्रीराम एवं महादेव पर आधारित भजनों की प्रस्तुतियों पर पूरा पंडाल “भारत माता की जय” एवं “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा।
आरती व प्रसादी के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन बाबा श्याम की आरती एवं प्रसादी वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से आए श्याम मित्र मंडलों के सदस्यों ने सहभागिता की। आयोजन समिति ने सभी भजन गायकों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।