जावरा। रेवास गांव में 21 मई को हुई तुलसीबाई तेली की सनसनीखेज हत्या के आठ दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। हत्या के बाद पुलिस द्वारा 48 घंटे में खुलासे का दावा किया गया था, लेकिन अब तक न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले का खुलासा हो पाया है। इससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक चिंतामण मालवीय मृतका के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विधायक से सवाल किया कि जब पुलिस ने 48 घंटे में मामले का खुलासा करने का भरोसा दिया था, तो आठ दिन बाद भी हत्यारे खुलेआम क्यों घूम रहे हैं।
ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गांव में घटना के बाद से भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
विधायक मालवीय ने मामले को गंभीर बताते हुए सीएसपी युवराज सिंह से चर्चा कर जांच की जानकारी ली तथा जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं सरपंच जगदीश डाबर ने भी पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (ैप्ज्) गठित किया गया है। जांच में एसडीओपी संदीप मालवीय, सीएसपी युवराज सिंह सहित जिले के पांच थाना प्रभारियों को लगाया गया है।
बुधवार को पुलिस टीम ने दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कर बारीकी से जांच की। टीम ने संदिग्ध गतिविधियों, संभावित साक्ष्यों और हत्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की। साथ ही मृतका के परिजनों एवं ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ भी की गई।
हालांकि लगातार जांच और दावों के बावजूद अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पूरे क्षेत्र की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।