शाजापुर। जिले के बड़ोदिया थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था, वहीं अब घटना की जानकारी होने के बावजूद आरोपी और पीड़िता को अपने घर में पनाह देने वाले सह-आरोपी (रिश्तेदार) को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण
गत 6 मई, 2026 को फरियादी ने थाना मो. बड़ोदिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री, जो शाम को खेत से अपनी माँ को बुलाने के लिए निकली थी, वह वापस नहीं लौटी। उसे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस की कार्यवाही
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 9 मई, 2026 को जिला राजगढ़ के ग्राम धतरावदा से अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बालिका को मुख्य आरोपी लौकेन्द्र सिंह पिता बाबुसिंह राजपूत के कब्जे से उसके मौसा कमल सिंह के घर से दस्तयाब किया गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी लौकेन्द्र सिंह को उसी समय गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
सह-आरोपी की गिरफ्तारी
पीड़िता के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी लौकेन्द्र सिंह, नाबालिग को अपने मौसा कमल सिंह के घर ले गया था। कमल सिंह को घटना की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने न केवल नाबालिग और आरोपी को अपने घर में शरण दी, बल्कि पुलिस को सूचना न देकर आपराधिक कृत्य में सहयोग भी किया। घटना के बाद से ही सह-आरोपी कमल सिंह फरार चल रहा था।
पुलिस टीम ने सघन तलाश के बाद आज, दिनांक 30 मई, 2026 को सह-आरोपी कमल पिता शम्भु सिंह राजपूत निवासी ग्राम धतरावदा (जिला राजगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है और उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
सराहनीय भूमिका
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी उप-निरीक्षक अरविन्द सिंह तोमर, उप-निरीक्षक के.एन. यादव, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र सितपरा, आरक्षक शैलेन्द्र शर्मा, आरक्षक शैलेन्द्र गुर्जर, आरक्षक सुरेश राठौर और आरक्षक अर्जुन सिंह बागड़ी की सराहनीय भूमिका रही।