पिपलियामंडी। कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं, किसानों और व्यापारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्णय वापस लेने की मांग की। ज्ञापन ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रामचंद्र करुण के नेतृत्व में मंडी सचिव जगदीशचंद्र भाभड़ को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि मंडी शुल्क में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि से किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसान पहले से ही अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में शुल्क वृद्धि उनकी समस्याओं को और बढ़ाएगी।
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि देश के अधिकांश कृषि उत्पादक राज्यों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत या उससे कम है। मध्यप्रदेश में शुल्क बढ़ने से यहां के व्यापारियों को अन्य राज्यों के व्यापारियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई होगी, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा।
किसान बंशीलाल पाटीदार ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और ऐसे फैसले किसानों की परेशानियां बढ़ाने वाले हैं।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रामचंद्र करुण ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता बाबूखा मेवाती ने चेतावनी दी कि यदि मंडी शुल्क वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
इस अवसर पर मंडलम अध्यक्ष पंकज बोराना, दिनेश गुप्ता, महेंद्र गेहलोत, नागेश्वर चौहान, किशोर टेलर, अनिल मुलासिया, रामनारायण मालवीय, बालाराम पाटीदार सहित बड़ी संख्या में किसान एवं व्यापारी उपस्थित रहे।