नीमच। जिले और आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी सौगात सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की 12 प्रमुख सड़क परियोजनाओं के निर्माण के लिए करीब 4,600 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इनमें बहुप्रतीक्षित नीमच-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग भी शामिल है।
मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने पत्रकार वार्ता में इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस मार्ग के विकसित होने से नीमच जिले का राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र से सड़क संपर्क और मजबूत होगा। नीमच, मनासा और रामपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फोरलेन बनने से सफर होगा आसान
नीमच-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग के बेहतर और फोरलेन के रूप में विकसित होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। विधायक के अनुसार इस मार्ग के निर्माण से सुवासरा, उज्जैन, इंदौर और भोपाल की ओर जाने वाले यात्रियों के समय में भी काफी बचत हो सकती है।
किसानों और व्यापारियों को मिलेगा सीधा फायदा
सड़क के बेहतर होने से किसानों को अपनी कृषि उपज दूसरे क्षेत्रों के बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। व्यापारियों के लिए परिवहन का समय और लागत कम होने की संभावना है। सड़क के आसपास होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप, परिवहन सहित अन्य व्यवसायों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
राजस्थान से मजबूत होगी अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी
नीमच-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग मध्यप्रदेश को राजस्थान से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके विकास से नीमच जिले की अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े आर्थिक कॉरिडोर तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है।
लंबे समय से थी सड़क निर्माण की मांग
नीमच-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग को बेहतर बनाने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। अब कैबिनेट से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर नीमच के साथ मनासा और रामपुरा क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिल सकती है।
विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि इस मार्ग को सड़क परियोजनाओं में शामिल कर स्वीकृति मिलना मनासा विधानसभा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके मुताबिक बेहतर सड़क अधोसंरचना से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
प्रदेश की 12 सड़क परियोजनाओं के लिए 4,600 करोड़ रुपए की स्वीकृति को मध्यप्रदेश में सड़क अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नीमच-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग के शामिल होने से क्षेत्रवासियों में भी बेहतर कनेक्टिविटी और विकास को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।