निंबाहेड़ा। रुपया डालर और पौंड पर भारी पड़ेगा। विश्व की अर्थव्यवस्था को पूर्ण प्रभावित करेगा। विश्व के 3 देशों के सीमांकन में परिवर्तन होगा। श्रमबल से संबंधित उत्पादों में अतिशय वृद्धि होगी। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी ने बताया कि इस वर्ष 2023 में विश्व के बौद्धिक बल का ह्रास होगा। भारत विश्व की सभी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करेगा और टॉप 2 में आने के पथ पर होगा। इस वर्ष महिलाओं पर अपराधों का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ेगा। दुनियां का पारा हाई रहेगा। पडौसियों में झगड़े बढ़ेंगे। देशों में युद्ध बढ़ेंगे। चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी आविष्कार होंगे और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी। अध्यात्मिक शक्तियां जीवन को प्रभावित करेंगी। लोग अधिक धार्मिक होंगे और धार्मिक लोगों का जीवन शांत होगा। मानव चेतना किसी न किसी अज्ञात भय से अवचेतन में नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में रहेगी। आसुरी शक्तियां हर तरह से संसार कोई प्रभात करेंगी। बहुत से नए कालनेमी पैदा होंगे। यह वर्ष सनातन की जागृति के लिए मूल आवश्यक तथ्यों को उजागर करेगा और उनकी चेतना का प्रभाव बढ़ाएगा। जिससे सनातन की वृद्धि का मार्ग बनेगा। वर्तमान के अनेक प्रमुख लोग इतिहास में शेष रह जाएंगे। अमेरिका पतनशील होगा। यूरोप में अनेक गुट बनेंगे और अब्राहम समाज में एक नया गुट विस्तार पाएगा। समुद्र के किनारे वाले किसी देश में विनाशकारी प्राकृतिक तांडव हो सकता है। भूस्खलन, भूकंप, समुद्री चक्रवात, बर्फीली हवाएं जनजीवन को प्रभावित करेंगी। सोलर उत्पादन के लिए यह अच्छा वर्ष होगा। विश्वयुद्ध का पूर्वाभ्यास कार्यक्रम शुरू हो सकता है। एलोपैथिक कंपनियां वायरसों का भ्रमजाल दिखाकर भयादोहन करती रहेंगी। दुनियां कोविड़ की दवाओं के दुष्प्रभाव में आ जाएगी। डॉ मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार हृदय रोग से मरने वाले युवाओं की संख्या विगत 10 वर्षों में सर्वाधिक होगी। सनातन में घर वापसी की तेजी होगी। रोग प्रतिरोधक क्षमताएं घटेंगी। उत्तराखंड सहित पहाड़ खिसकने से अनेक राज्यों में भारी नुकसान हो सकता है। डॉ तिवारी ने कहा कि इस साल शुक्र 41 दिनों तक वक्री रहेगा। वहीं बुध 89 दिनों तक वक्री रहेगा। इन दोनों ग्रहों के कारण देश की अर्थव्यवस्था में अचानक बड़े बदलाव होने के योग बनेंगे। गैस तेल एवं ईधन के दामों में महंगाई आएगी। प्राइवेट सेक्टर में उथल- पुथल के कारण बिजनेस में परेशानी होगी। अपनी राशि में मौजूद शनि वित्तीय स्थिति में सुधार करेगा। निचले वर्ग के लोगों के लिये रोजगार के मौके मिलेंगे। इस साल की दीपावली कई राष्ट्रीय परियोजनाओं को सफलता दिलाने वाली होगी। आर्थिक विकास के दरवाजे खुलेंगे और देश मजबूत होगा। शुभ कामों में लगातार विकास होगा। इस साल भारत विश्व की सभी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करेगा और आगे बढ़ेगा। रुपया बढ़ेगा। डॉलर और पौंड पर भारी पड़ेगा। जिन उत्पादों में इंसानी मजदूरी होती है वो बढ़ेंगे। सोलर उत्पादन के लिए यह अच्छा वर्ष होगा। इस साल राजनीति से जुड़े कुछ लोग विवादों में उलझ सकते हैं। कई राज्यों में सरकारें बदल सकती हैं। सरकार और प्रशासन के बड़े फैसलों से जनता परेशान हो सकती है। लोगों में मतभेद और विवाद होने की आशंका बनेगी। इस साल 9 राज्यों में चुनाव होने हैं। इनमें मार्च में मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक। वहीं, दिसंबर में राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में चुनाव होने हैं। इनमें बृहस्पति और शनि के कारण बड़े राजनीतिक बदलाव होने के योग बनेंगे।
नए चेहरे चुनाव लड़ सकते हैं। महिला उम्मीदवार ज्यादा हो सकती हैं। आदिवासी, दलित, पिछड़े या निचले वर्ग के लोगों को चुनाव से फायदा मिलेगा। सीटों का गणित गड़बड़ा सकता है। कुछ पार्टियों को सीटें गंवानी पड़ सकती हैं। इस साल गुरु, राहु और शनि की स्थिति के कारण चीन, पाकिस्तान और भारत की सीमाओं में बदलाव हो सकते हैं। इसी कारण इन देशों में आपसी झगड़े और तनाव बढ़ सकता है। लेकिन आतंकवादी घटनाओं मे कमी आ सकती है। वहीं, देश में कई जगहों पर आपसी विवाद और विरोध प्रदर्शन और झगड़े होने की आशंका रहेगी। देश के पश्चिम-दक्षिण हिस्सों में उपद्रव हो सकता है। इस साल की शुरुआत वक्री मंगल में हुई है। यानी जब नया साल शुरू हो रहा था तब मंगल धीमी चाल से पीछे की ओर चल रहा था। ये स्थिति देश में विवाद और तनाव बढ़ाने वाली हो सकती है।