सरवानिया महाराज। जिले की जावद जनपद की दो पंचायतों मे पदस्थ एक पंचायत सचिव पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर किस्त डलवाने के नाम पर गरीब वर्ग के व्यक्ति जोरसिंह नाथुलाल बंजारा ने बीस हजार रुपये लेकर आवास स्वीकृत नहीं करने के आरोप लगाने का मामला सामने आया था।
ग्राम पंचायत आमलीभाट मे पदस्थ सचिव देवीलाल वर्मा के पास ग्राम पंचायत बांगरेड़ का अतिरिक्त चार्ज है। पिछले दिनों ग्राम खेड़ा बांगरेड़ के जोरसिंह से पहले बीस हजार रुपये लेकर आवास स्वीकृत करने और प्रथम किस्त डालने की कहा था लेकिन बहुत दिनों तक किस्त नहीं आई तो फरियादी जोरसिंह द्वारा नीमच जिला कलेक्ट्रेट मे लगने वाली जनसुनवाई, 181 और उपखंड अधिकारी को शिकायत कर दी। तो सुची से नाम हटाकर प्रधानमंत्री आवास का नाम हटाने और रिजेक्ट फार सिस्टम कह दिया। मामले मे फरियादी ने बकायदा प्रेस को सभी दस्तावेजों के साथ जानकारी दी थी कि कई मर्तबा जिले की जनसुनवाई में पंचायत सचिव देवीलाल वर्मा की शिकायत को लेकर एड़ियां रगड़ी मगर मामले मे कुछ नही हुआ। मामले मे जिला पंचायत सीईओ गुरुप्रसाद कामत ने जावद जनपद सीईओ को जांच के आदेश दिये थे। बताते है जावद सीईओ आकाश ध्रुवें ने जांच दल का गठन कर तीन दिवस मे जांच सोंपने की कहा है। मामले मे वर्मा ने भी अपना पक्ष रख आरोपों से नकारा था।
बताते है सचिव देवीलाल वर्मा के पास आमलीभाट पंचायत मुख्य रुप से है तथा बांगरेड़ का अतिरिक्त प्रभार है। दोनों ही पंचायतों मे सचिव वर्मा से लोगों का बर्ताव ठीक नहीं है। आमलीभाट मे लोग छोटे मोटे प्रमाणीकरण के लिए भटकते फिरते है तो बांगरेड़ में भी यही हाल है। बताते है सचिव वर्मा पहले भी संस्पेंड रह चुके है। वहीं छनकर आ रही खबरों मे कहा जा रहा है कि ग्राम पंचायत आमलीभाट में पिछली बार करो की वसुली बहुत बढ़िया हुई हैं जिसके चलते शासन स्तर से योजना के तहत बहुत अधिक राशि आनी है उसी को लेकर पंचायत सचिव जौड़ तौड़ कर आमलीभाट में बने रहना चाहते हैं। ताकि आने वाली रकम मे तिकड़म लगाकर बड़ा खेल किया जा सके। हालांकि मामले में देखना ये होगा की जांच में आरोप सही पाये जाते है या गलत। बहरहाल लोगों का कहना हैं कि पंचायत सचिव की अधिकारियों मे गहरी पेठ है, जिसके चलते जांच को भी आंच आ सकती हैं। हालांकि ये महज एक कयास है जो लगाये जा रहे है। अब जांच में क्या निकलता है ये देखने का विषय है।