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January 23, 2023, 2:41 pm
NEWS : ग्राम सनखेड़ी में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन, तीसरे दिन भी भक्तों को मिला कथा वाचक संत बालयोगी महाराज का सान्निध्य, पढ़े विशाल श्रीवास्तव की खबर 

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भवानी मंडी। सनखेडी गाँव में चल रही श्री मद् भागवत् कथा के तीसरे दिन की कथा में कथा वाचक संत बालयोगी महाराज ने बताया कि मानव, मानव शरीर पाकर भी भगवत प्राप्ति नही कर सका,वो आत्महत्या कर रहा है मानव शरीर प्राप्त करने का एक ही फल हे सब काम छोडकर राम भजन करना चाहिए तुलसीदास जी कहते है देह दरे का यह फल भाई, भजीये राम सब काम बिहाई। 
भगवान राम ने रामायण में जोडने का काम किया हे सबसे पहने राम जी ने वशिष्ठ, विश्वामित्र को जोडा हे, दुसरा राजा जनक, दशरथ को जोडा इसके बाद रामसेतु का निर्माण कर के लंका को भारत से जोडा हे इसलिए हमको भी एक दुसरे को जोडना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक टेलर कपडा काटने वाली केंची को पैरो में डाल देता है पर कपडा जोडने वाली सुंई को अपनी पगडी में रखता है। बताया जो भगवान को नही मानता है, जो नास्तिक है, उसको कभी खुस करने का प्रयास मत करना क्योंकि जिस भगवान ने कंचन जैसी काया दी है उस भगवान को नास्तिक नही मानता है, आप भगवान से जादा तो नास्तिक को नही दे सकते हो। 
पहले गलती करने पर बाल बच्चों को घर, परिवार यंहा तक की गाँव वाले भी डांट लगा देते है पर आज के समय में माता पिता के अलावा कोई हमारी संतान को डांट नही सकता हैं कोई डांटता भी हे तो माता पिता को बुरा लगता हैं इसलिए आज संतान बिगड़ रही है। बताया कि अपनी संतान के लिए माल छोडकर जाओ या मत जाओ पर संतान के हाथो में किसी गुरु के नाम की माला जरूर छोडकर जाओ। आज के समय संतान माता पिता के थोडे से डांट देने से जहर खा लेते है, पंखे से लटक जाते है, यह सब सतसंग में नही जाने की वजह से हो रहा है सतसंग मे जाने वाला इंसान कभी भी आत्महत्या नही करता है। भागवत् कथा में विदुर जी ने मेत्रय ऋषि से कहा गुरु वर जीव सुख पाने के लिए कर्म करता है पर जीव को दुख क्यों मिलता है। इसके उत्तर में मेत्रय जी ने बताया कि जीव सुख को अपने बाहर ढुंडता है जबकी सुख जीव के अंदर ही है इसलिए जीव को दुख मिलता है। 
कथा के बिच गाये भजन जोत से जोत जलाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो  व सत्यम शिवम सुंदरम पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये स कथा के आरम्भ में मुख्य जजमान पप्पूलाल मीना ने सपत्नीक भागवत् जी की पुजा अर्चना की।

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