नीमच। सुभाष जयंती के उपलक्ष्य में 23 जनवरी 2023 को प्रातः 9 बजे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के विद्यार्थी भैया बहनों द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया। जो सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से प्रारंभ होते हुए नीमच शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए वापस सरस्वती शिशु विद्या मंदिर 14 /2/ 831 विकास नगर पहुंचा।
पथ संचलन स्कूल से प्रारंभ होकर बंसल चौराहा, टीवीएस शोरूम, गायत्री मंदिर रोड, कमल चौक,फव्वारा चौक, नया बाजार, तिलक मार्ग पुस्तक बाजार से मिडिल स्कूल ग्राउंड होते हुए, समापन विद्यालय प्रांगण में हुआ। संचलन में सबसे आगे घोड़े पर सुभाष चंद्र बोस के अभिनय में अभिषेक माली एवं एक अन्य घोड़े पर झांसी की रानी के अभिनय में माया भाटी चल रही थी। इसके साथ ही घोष पर देशभक्ति की स्वर लहरियां बिखर रही थी एवं कक्षा के विद्यार्थी भारतीय सेना के परिधानों में भी बंदूक लिए चलाय मान थे।भारत माता के परिधान में तिरंगा हाथ में लिए बालिका. प्रियल राठौड चल रही थी तो इसके साथ ही सुभाष चंद्र बोस के किरदार में भी कई भैया चल रहे थे ।
पूर्व छात्र परिषद ने किया पुष्प वर्षा से अभिनंदन-
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के पूर्व छात्र परिषद द्वारा शहर के टेगोर मार्ग पर ट्रैफिक थाने के सामने संचलन का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। साथ में चल रहे आचार्य-दीदी को गुलाब के फूल भी भेंट किए। इस मौके पर पूर्व छात्र परिषद अध्यक्ष मनीष कौशल, सचिव आकाश नैनवाया, उपाध्यक्ष अतुल कौशल, सहसचिव गौरव कैथवास व समाजसेवी हाजी साबिर मसूदी समेत कई पूर्व छात्र मौजूद थे संचलन में विवेकानंद बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रहलाद राय गर्ग सचिव संजय जोशी कोषाध्यक्ष निलेश पाटीदार उपाध्यक्ष छत्रपाल परिहार सह् सचिव निखिलेश वर्मा रानू अटल एवं समिति के अन्य सदस्य भी संचलन में सम्मिलित हुए संचलन के समापन के अवसर पर प्राचार्य महेश गदले ने भैया बहनों को संबोधित करते हुए कहां की ऐसे कार्यक्रम भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण कराता है एवं हमारे मन में देश के प्रति त्याग एवं समर्पण के भाव पैदा करता है।
उन्होंने बताया कि विश्वासघात प्रकरण के बाद सुभाष चंद्र बोस ने सेना को नया नारा दिया आजादी को खून दो, गद्दारों को भून दो।
उनका कथन था मेरे पास एक लक्ष्य है जिसे मुझे हर हाल में पूरा करना है मेरा जन्म उसी के लिए हुआ है मुझे नैतिक विचारों की धारा में नहीं बहना है ऐसे उच्च विचारों के थे सुभाष चंद्र बोस, हमको अपने जीवन में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।