चित्तौड़गढ़। श्री विश्वकर्मा भवन निर्माण ठेकेदार विकास समिति के तत्वावधान में विश्वकर्मा जयंती 3 फरवरी को हर्षोल्लासपूर्वक मनाई जाएगी। समिति के अध्यक्ष गुमानसिंह राठौड़ ने बताया कि जयंती की पूर्व संध्या पर 2 फरवरी, गुरूवार रात्रि 8 बजे से गम्भीरी नदी तट पर स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
समिति के संरक्षक सुरेशचन्द्र साड़ीवाल (कुमावत) के अनुसार विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 3 फरवरी, शुक्रवार प्रातः 7ः15 बजे फतेह विहार कॉलोनी स्थित पृथ्वी पैलेस से शाही लवाजमे के साथ बैण्डबाजों की सुमधुर लहरियों के संग शोभायात्रा एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा की अग्रिम पंक्ति में सुसज्जित अश्व एवं ऊँट शोभायमान होंगे जिनके पीछे महिलाएँ कलश धारण किए हुए चलेगी। शोभायात्रा में रथ पर भगवान विश्वकर्मा की विशाल भव्य तस्वीर विराजित होगी। शोभायात्रा चामटीखेड़ा चैराहा, खरड़ेश्वर महादेव मंदिर, चन्द्रलोक सिनेमा, गोलप्याऊ, नेहरूबाजार, सुभाष चैक, सहकार सर्कल होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँचेगी।
समिति से जुड़े मंत्री शंकरलाल कुमावत के अनुसार जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रातः 11ः15 बजे मदिर के शिखर पर ध्वजा रोहण एवं कलश की स्थापना की जाएगी। ध्वजा रोहण एवं कलश स्थापना के पश्चात् हवन यज्ञ के साथ ही पूर्णाहूति दी जाएगी। इसके पश्चात् अभिमन्यु पार्क के समीप स्थित श्रीराम वाटिका में महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
विश्वकर्मा जयंती को लेकर आयोजकों में काफी उत्साह एवं उमंग है। जयंती को लेकर गत दिनों मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य जोर शोर से किया जा रहा है। मंदिर परिसर में रंग रोगन के साथ ही आकर्षक चित्रकारी की जा रही है। जयंती के पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में आकर्षक रंगबिरंगी रोशनी से विद्युत सजावट की जाएगी।
विश्वकर्मा जयंती को भव्य रूप से देने एवं तैयारियों को लेकर समिति के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शंकरलाल लोधा, गोवर्धन गाडरी, गोपाललाल पूर्बिया, जानकीलाल रेगर, कन्हैयालाल माली, हजारी लाल सालवी, अरूण शर्मा, रितेश कुमावत, रामचन्द्र चैधरी, सुरेश कुमावत, बगदीराम कुमावत आदि मौजूद थे। जयंती को लेकर लगभग सभी तैयारियाँ पूर्ण की जा चुकी है।