नीमच । महाराष्ट्र की गौद्री मे जुटे लाखो बंजारा समाज ने देश में बंजारा समाज को लेकर जो धारणाएं है उनके विपरीत विभिन्नता मे एकता का संदेश दिया जिसकी गुंज संम्पूर्ण देश में सुनाई दे रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुसांगिक संगठन राष्ट्रीय धर्म जागरण मंच के बेनर तले देशभर से करीब दस लाख बंजारा गौर, बामणिया, नायकड़ा, लबाना, बाजीगर आदि समुदाय के लोगों ने उपस्थिति दर्ज कर देश में बंजारा समाज के सर्वांगीण विकास और उन्नति में बाधक बन रहे धर्मांतरण सहित अन्य कमजोरियों को गहराई तक समझने तथा भगवा ध्वज तले समाज को एक नई दिशा देने का संकल्प लेकर समाज को उन्नति के पथ पर लेजाने का शंखनाद किया। देश के इस बड़ें आयोजन में मालवा प्रांत के तकरीबन डेढ़ हजार टांडो से बीस हजार बंजारा समुदाय के लोग वाहनों के माध्यम से गोद्री पहुंचे।
बंजारा महाकुंभ में देश का धर्म जागरण मंच और उपस्थिति-
महाराष्ट्र के गोद्री मे संम्पूर्ण देशभर से आये करीब दस लाख बंजारा समुदाय के महाकुंभ को धर्म जागरण के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, योगगुरु बाबा रामदेव, दो शंकराचार्य जी, ख्यातनाम रामकथा प्रवक्ता और संत मुरारी बापू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, निवृतमान सह कार्यवाह भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी, अखिल भारतीय धर्म जागरण प्रमुख शरद ढोले, अखिल भारतीय प्रवासी समुदाय प्रमुख दुर्गादास राठौड़, धर्म जागरण क्षेत्र प्रमुख रेवाराम कुमरावत, प्रवासी क्षेत्र प्रमुख गोरेलाल सहित देश भर से आये करीब पन्द्रह सो साधुसंतों ने समाज को नई दिशा दी। मालवा प्रांत से आयोजन में प्रमुख भूमिका धर्म जागरण प्रांत प्रमुख अभिषेक गुप्ता, प्रवासी समुदाय प्रांत प्रमुख, रविप्रतापसिंह बूंदेला, प्रवासी समुदाय प्रांत संयोजक कैलाश पटेल, धर्म जागरण प्रांत संयोजक रामप्रसाद पांडे।
लोक संस्कृति कला प्रर्दशन पांच दिन तीन हजार कार्यकर्ता-
पांच दिवसीय (25 जनवरी से 30 जनवरी) आयोजन की विशालता को देखते हुए तीन हजार कार्यकर्ताओं की तैनाती मंच द्वारा की गई थी। आनेवाले लोगों के भोजन तथा पचास हजार लोगों के शयन की व्यवस्था के साथ साथ ढाई हजार सुविधाघर बनाए गए थे। तथा चार हेलीपेड बने थे। पांचों दिवस आयोजन में देश की धर्म संस्कृति और समाज से जुड़ी बड़ी बड़ी हस्तियों ने समाज को संबोधित कर समाज को नये भारत में कैसा होना चाहिये तथा जिन राज्यों में धर्मांतरण के मामले बड़ रहे उनपर विराम लगाने की बातों के साथ साथ बंजारा समाज की देश में भुमिका पर चर्चा की। आयोजन में बंजारा समाज के रग रग में रची बसी लोक कला संस्कृति का प्रदर्शन तथा नाट्य कला और रामलीला का मंचन भी हुआ तथा बाबा रुपसिंह महाराज की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। संम्पूर्ण आयोजन का संचालन रामेश्वर नाईक गोद्री महाराष्ट्र ने किया।
बंजारा समाज संस्कृति स्वाभिमान और धर्मान्तरण पर रोक व विकास-
मालवा प्रांत बंजारा महाकुंभ संयोजक मोहनलाल खिंची नीमच मध्यप्रदेश ने बताया कि आयोजन को लेकर मालवा प्रांत के करीब डेढ़ हजार टांडो में जीवित संपर्क कर समाज में जागरूकता लाने के साथ-साथ गोद्री महाकुंभ में चलने का आह्वान किया गया। टांडा टांडा से लगाकर तहसील व जिला स्तर पर बैठ कर जन जागरण के माध्यम से रथयात्राओ के माध्यम से महाकुंभ में चलने के लिए बंजारा समुदाय के लोगों को निमंत्रण दिया। जिसके फलस्वरूप मालवा प्रांत से करीब बीस हजार लोगों ने गोद्री महाकुंभ में भागीदारी कर बंजारा समाज की संस्कृति स्वाभिमान एकता व उन्नति के साथ-साथ समाज के सर्वांगीण विकास तथा धर्मांतरण पर रोक लगाने जैसे मुख्य विषयों को सुना समझा। मालवा में धर्म जागरण एवं प्रवासी समुदाय मंच के माध्यम से जन जागृति लाकर समाज में उन्नति और विकास की संभावनाओं को लेकर नवाचार किया गया। गोद्री में उपस्थित लाखों बंजारा समुदाय के लोगों की भीड़ को देश दुनिया ने सोशल मीडिया और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक माध्यम तथा प्रिंट मीडिया के जरिए देखा व पढ़ा। बंजारा समाज महाकुंभ एक सिंधु और महासागर बन कर उभरा है। जिसकी नांद जरूर समाज में गुंजेगी। विभिन्न समुदाय जिस समाज के बीच में उपस्थित है उन सभी की एकता और अखंडता इस महाकुंभ के माध्यम से देश दुनिया ने देखी और समाज में व्याप्त बुराइयां और अंधविश्वासों के साथ-साथ जिन स्टेट में धर्मांतरण के मामले बढ़ रहे हैं उन पर तत्काल रोक लगाने का संकल्प इस महाकुंभ में पारित किया गया। आज पूरा विश्व बंजारा महाकुंभ के इस विशाल आयोजन को देखकर गदगद है। आने वाले दिनों में जरूर समाज में एक नई उर्जा देखने को मिलेगी।