चीताखेडा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां देश और प्रदेश को स्वच्छ, निर्मल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर इसके लिए भरसक प्रयास भी कर रहे है। आएदिन इस हेतु प्रशासनिक स्तर पर अभियान भी चलाए जा रहे है। जिसके फलस्वरूप शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में इसके बेहतर परिणाम आए है।
लेकिन ग्राम पंचायत चीताखेडा की बात की जाए तो यहां इसका उल्टा हो रहा है। जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सफाईकर्मियों के नाम पर मात्र कुछ कर्मचारियों के हवाले नीमच जिले की सबसे बड़ी पंचायत है। कचरों के ढेर की वजह से जहां नालियां जाम हो जाती है और गन्दा पानी सड़को पर बहता रहता है। जो नाले पंचायत द्वारा बनाए गए है उनका जायजा दुबारा कभी पंचायत द्वारा शायद नहीं लिया गया। इन नालों में प्लास्टिक की थेलिया और भी कचरा भरा रहता है जिससे इनमे भी पानी की निकासी नहीं होती है।
चीताखेडा बस स्टेण्ड से हनुमान जी मंदिर मार्ग की दुर्दशा तो ऐसी हो गई है जैसे कि कोई ट्रेचिंग ग्राउंड हो। यहाँ पंचायत ने नाले का निर्माण करवाया था। जिसको ढककर उसके ऊपर डीपीसी करनी थी। लेकिन जैसे ही नाले का निर्माण हुआ तो पंचायत चुनाव आ गए और नाले पर डीपीसी का निर्माण ठंडे बस्ते में चला गया। जब भी रहवासियों ने नाले पर डीपीसी की बात जिम्मेदारों से की तो हमेशा एक ही जवाब मिला की कुछ ही दिनों में डीपीसी का कार्य शुरू हो जाएगा।
वर्तमान वार्ड पंच प्रतिनिधि मुबारिक मंसूरी ने बताया कि नाले के ऊपर केवल पट्टियां डाल दी गई और उसपर डीपीसी का कार्य छोड़ दिया। जिसके कारण कचरा नाले में जा रहा है और नाला कचरे से पूरा भर गया है। यहां आसपास इतनी गंदगी है कि साँस लेना दुर्भर हो रहा है। सत्यनारायण तेली के मकान से आंगनवाड़ी पुलिया तक का जो हिस्सा है वहां पर कचरे की वजह से रहवासियों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं जब पंचायत सचिव नवीन पाटीदार से इस संदर्भ में बात की तो उन्होंने बताया कि आगामी 07 दिवस में नाले के ऊपर डीपीसी निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा।