मनासा। रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रवर्तक जन्मदाता, स्वामी श्री रामचरण जी महाराज का 303 वां प्राकट्य महोत्सव शनिवार को रामस्नेही सम्प्रदाय द्वारा पूरे उत्साह के साथ स्थानीय श्रीरामद्वारा में रामस्नेही सम्प्रदाय द्वारा बडे युवा संत श्री के सानिध्य में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जिसका जगह जगह स्वागत किया गया।
दोपहर में रामद्वारा से बेंडबाजो के साथ भव्य शोभायात्रा निकली, जिसमे बड़ी संख्या में रामस्नेही परिवार व धर्मप्रेमी नागरिक शामिल थे। पालकी में स्वामी जी रामचरण महाराज की सुंदर दिव्य झांकी आकर्षण का केंद्र थी। मार्ग में रामचरण जी महाराज की तस्वीर की पूजा अर्चना की गई साथ ही शोभायात्रा में रामस्नेही बन्धु अणभे वाणी का सुस्वर पाठ व महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः रामद्वारा पहुंची। जहां पर राम स्नेही बन्धुओं द्वारा अणभै वाणी का पाठ किया गया।
जयंती पर्व पर युवा संत श्री राम जी ने अपने प्रवचन में रामनाम की महिमा का सुंदर चित्रण करते हुए कहा कि हमने जीवन में राम ही एक सहारा है जो इस जीवन को भवसागर से पार कर सकता है। रावण ने भी अपने जीवन के अंतिम समय से राम का नाम लेकर अपने जीवन कस उद्धार किया।
संत श्री के प्रवचन के बाद बड़ी संख्या में उपस्थित रामस्नेही परिवार ने संत श्री के सानिध्य में रामचरण जी महाराज की आराधना करते हुए महाआरती का सौभाग्य पाया। कार्यक्रम के बाद महा प्रसादी का आयोजन किया गया होगी।