नीमच। शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों चरमराई हुई है। प्रमुख क्षेत्रों व कॉलोनियों में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर शहर की सुंदरता को प्रभावित कर रहे हैं। शहर के मूलचंद मार्ग पर बना अस्थाई डंपिंग क्षेत्र भी रहवासियों के लिए सिर का दर्द बन रहा है। नपा के कर्मचारी यहां कचरा एकत्रित कर फेंक जाते हैं। मुख्य सड़क के किनारे बनाए गए इस डंपिंग क्षेत्र से जहां एक ओर शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में गंभीर बीमारियां भी फैल रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने इस अस्थाई डंपिंग क्षेत्र को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग उठाई है।
मूलचंद मार्ग के नीरज यादव ने बताया कि नपा के कर्मचारी प्रतिदिन गली-मोहल्लों से कचरा एकत्रित कर डंपिंग क्षेत्र में फेंक जाते हैं। इस कचरे पर दिनभर मवेशी विचरण करते हैं। हवा के साथ कचरा मुख्य मार्ग पर आ जाता है। जिससे आवाजाही में प्रतिदिन वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नपा के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। इसी क्षेत्र से स्वच्छता रैंकिंग में भी गिरावट दर्ज होती है।
नीमच शहर की आबादी 1.37 लाख है। शहर 5 वर्ग किलोमीटर व 40 वार्डों में विभक्त है। शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर सरकार संभालती है। नगर पालिका में वर्तमान में 500 सफाई कर्मचारी और करीब 20 दरोगा है। 28 कचरा गाड़ियों से शहर का कचरा एकत्रित किया जाता है। नपा के श्याम टांकवाल ने बताया कि 2021 में शहर की स्वच्छता रैंकिंग 88 थी जो 2022 में 66 पर पहुंची है। नपा के प्रयास से शहर की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। गली-मोहल्लों व प्रमुख मार्गों में प्रतिदिन सफाई कर्मचारी पहुंचते हैं।