चित्तौडगढ। बिरला कॉर्पोरेशन लिमिटेड की दिसंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड राजस्व तुलनात्मक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से बढ़कर 1,911 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन उच्च ईंधन लागत से कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई। कंपनी का 2,024 करोड़ रुपये का कुल राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक था, जिसमें मुकुटबन इकाई की बिक्री शामिल है, जिसने चालू वित्त वर्ष में कमर्शियल उत्पादन शुरू किया था। तिमाही के लिए मात्रा के हिसाब से कंसोलिडेटेड सीमेंट की बिक्री साल-दर-साल 11 प्रतिशत बढ़कर 3.72 मिलियन टन हो गई। दिसंबर तिमाही के लिए सीमेंट की उत्पादन लागत मुख्य रूप से बिजली और ईंधन के कारण पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक थी, जिसके परिणामस्वरूप तुलनात्मक आधार पर कम नकद लाभ हुआ, जो कि पिछले साल से 32 प्रतिशत कम होकर 115 करोड़ रुपये था। हालांकि मुकुटबन परियोजना के साथ कंपनी विस्तार को तेज कर रही है और मूल बजट की तुलना में निचले स्तर पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को काफी कम स्तर पर नियंत्रित किया गया है। सीमेंट इंडस्ट्री पर असाधारण लागत के दबाव ने समग्र वित्तीय प्रदर्शन को कम कर दिया है। इससे दिसंबर तिमाही में 50 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। संदीप घोष द्वारा कंपनी के एमडी और सीईओ के रूप में कार्यभार संभालने के अलावा, कंपनी ने सेल्स, लॉजिस्टिक्स, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग कार्यों में वरिष्ठ और अनुभवी लोगों को शामिल करके अपने नेतृत्व को मजबूत किया है।