चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज प्रतापनगर सेवा केन्द्र पर नवरात्री के पावन पर्व पर शिवलिंग एवं शिव परिवार की चेतन झांकी सजायी गयी। इस अवसर पर बी.के. आशा दीदी ने सबके मंगल की कामना करते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि नवरात्री अर्थात संसार में पुनःनवयुग आने से पहले अज्ञान, अन्धकार एवं बुराईयोंरूपी रात्री से है। आज के मनुष्यों ने संसार की वस्तुओं की काफी उन्नति कर ली है। जैसे मोबाईल , इन्टरनेट, नयी नयी तकनीक, चांद पर भी काफी उॅचाईयो पर मनुष्य ने कदम रख दिये है परन्तु जितने सांसरिक चीजों की उन्नति कर ली वहीं मनुष्यों के संस्कार निरन्तर गिरते जा रहे है। मनुष्यों के चरित्र चाहे बडी उम्र के हो या छोटी उम्र के उसमे तेजी से गिरावट आ रही है। यही संसार के पतन का कारण हैं। संसार में चरित्र व संस्कारों की गिरावट का परिणाम संसार मे मानसिक तनाव , शारीरिक बिमारियॉ व अनेक प्रकार की दुर्घटनाएॅ होना है। वर्तमान में संसार की बिगडी स्थिति को पुनः सुधारने के लिए परमात्मा शिव पुनः धरा पर आकर संस्कारों से संसार परिवर्तन करते है। परमात्मा शिव ने सहज ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा से साधारण नारी को शिव-शक्ति बना दिया है। जब संसार में अनेक नारियॉ परमात्मा बल एवं शक्ति अपने मे भरेगी तो भाारत पुनः विश्वगुरू बन जाएगा। जब जब संसार मे राक्षसों - दानवों का अत्याचार बढा है तब तब परमात्मा शिव ने धरा पर शिव शक्ति को रच कर संसार से दानवो के साम्राज्य को समाप्त कर रामराज्य स्थापित किया है। यही नवरात्री का आध्यात्मिक रहस्य है।