देवास। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। जिसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर से वैकल्पिक इंतजाम करते हुए दूसरे निजी डॉक्टरों का इंतजाम किया। सुबह कुछ समय तक अस्पताल में आने वाले मरीज परेशान होते रहे। अस्पताल में उपचार के लिए आए कुछ मरीजों को समय पर उपचार भी नहीं मिला जिससे वह अन्य निजी अस्पताल की और रुख करते हुए नजर आए। अनिश्चित कालीन हड़ताल होने पर डॉक्टर अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर बैठे हुए विरोध करते रहे। हालांकि जिला प्रशासन ने अपने स्तर से अमलतास अस्पताल से वैकल्पिक टीम बुलाकर इंतजाम किए है। जिला अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सारी व्यवस्था सुचारू चल रही है। हमने कल रात से व्यवस्था की हुई है। अस्पताल में आयुष विभाग के डॉक्टरों के साथ अमलतास अस्पताल से भी डॉ. की टीम को लगाया गया। इमरजेंसी सहित सभी डिपार्टमेंट में डॉक्टर उपस्थित रहे और यथाशीघ्र अस्पताल में मरीजों को उपचार दिया जा रहा है जब तक भी डॉक्टरों की हड़ताल रहेगी हम व्यवस्था बनाकर चलेंगे।
इधर आरसी वर्मा प्रांतीय उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला अस्पताल में जो डॉक्टर कार्य कर रहे है वह डॉक्टर नहीं है। अमलतास के मेडिकल स्टूडेंट है जिनके पास रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। यह जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी नियम की बात तो करते लेकिन नियम का उल्लंघन खुद कर रहे हैं। इसके जिम्मेदार वह स्वयं है। हालांकि, इन आरोपों को अमलतास अस्पताल की टीम ने निराधार बताया।