इन्दौर। दो साल पहले जो तालाब सूखा ग्रस्त था वो अब ग्रामीणजनो किसानों और सरकारी योजना से मिली राशि व सहायता के चलते लबालब हो गया है इसके जल से अब 150 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिचाई हो रही है। यामीजी के चेहरे तो खिल हो गए है मवेशियों के पीने के पानी की समस्या का भी स्थाई निदान हो गया है।
इंदौर जिले की जनपद देपालपुर की ग्राम पंचायत सुमठा में पूर्व में बना तालाब दो वर्ष पहले अत्यधिक बारिश के कारण पूरी तरह से फुट गया था। किसानो और ग्रामीणों के सामने फसलो की सिंचाई और मवेशियों के पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया था। विकराल होती समस्या से सभी जन चिंतित थे 2 वर्ष से किसान खेती भी नहीं कर पा रहे थे जिसके चलते 4 हजार क्विंटल गेहूँ का उत्पादन कम हुआ। समाधान के लिए एक प्रस्ताव ग्रामीणजनों ग्राम पंचायत में रखा तो स्वसम्मती से निर्णय लिया गया कि फुट चुके बाध का पुनः निर्माण किया जाए। सरपंच दर्याबाई पांडे कनिराम, उपयंत्री दीपक नालाकार बाम पंचायत सचिव अनोखी लाल पवार, ग्रामीणजन और किसानों ने मिलकर मनरेगा अभिषरण से चासबीड़ तालाब वेस्ट वियर निर्माण कार्य शुरू करवाया। इसके लिए 15वां दिन आयोग से राशि 23.20 लाख रूपए और मनरेगा से 10.49 लाख कुल 33.69 लाख की स्वीकृति मिल गई।
इस स्वीकृति के बाद तकनीकी मार्गदर्शन में तालाब का पुननिर्माण शुरू किया गया। बेस्ट वियर की लंबाई 65 फीट और पढ़ाई और ऊंचाई भी 3 फीट रखी गई। ग्रामीणों और किसानो की मेहनत रंगलाई और तालाब बनकर तैयार हो गया। मेहनत का फल उनके चेहरे पर चमक की तरह दिख रहा था। उनकी सबसे बड़ी सिंचाई की समस्या तो हुल हुई ही मवेशियों के लिए भी पानी की व्यवस्था हो गई। लबालब भरे तालाब के चलते आसपास के क्षेत्रों के जल स्त्रोतों में भी जल स्तर बढ़ गया है। आज 13 हेक्टेयर के तालाब से दर्जनों किसान आलू, लहसुन, प्याज, चना तथा सब्जियों की फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को इस तालाब से जल मिल रहा है। किसान लवालग भरे तालाब को देखकर उत्साहित और खुश है।
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