नीमच। आज नीमच जिले की प्रभारी मंत्री उषा ठाकुर नीमच दौरे पर आई हैं। उन्होंने आते ही नीमच जिला कलेक्टर दिनेश जैन और पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी से नीमच डाक बंगले में मुलाकात की। इस दौरान विधायक दिलीप सिंह परिहार भारतीय, जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार और भाजपा के तमाम नेता भी उनसे मिलने सुबह डाक बंगले पहुंचे।
उषा ठाकुर का आज व्यस्ततम कार्यक्रम है। कलेक्टर कार्यालय पर प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेंगी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक बैठक में उपस्थित होगी और सायंकाल सुखानंद धाम पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेगी। इस दौरान मीडिया ने उनसे खास बातचीत की।
वॉइस ऑफ़ एमपी द्वारा जब प्रभारी मंत्री से भ्रष्टाचार के मामले में जावद जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण पर कार्यवाई नहीं होने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मामले को लेकर अनभिज्ञता जताई। मंत्री ने कहा कि ऐसा कैसे संभव है। जब उनसे पूछा गया कि लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाई के बाद भी गोपाल चारण पद पर बने हुए है तो मंत्री ठाकुर ने कहा कि में परिक्षण करवाती हूँ। बाणदा बाँध को लेकर जब वॉइस ऑफ़ एमपी ने मंत्री से पूछा की आदिवासियों को विस्थापित करने के लिए अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है तो उन्होंने कहा कि विकास भी नहीं रुकना चाहिए साथ ही नागरिकों को परेशानी भी नहीं होनी चाहिए। जो विस्थापित होंगे उनकी समुचित व्यवस्था की जाएगी। दीपक जोशी के मामले को भी मंत्री टालती हुई दिखी। उन्होंने इसे संगठनात्मक मामला बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया।
कुल मिलाकर वॉइस ऑफ़ एमपी से की गई बात और सवालों के जवाब से यही लगा कि प्रभारी मंत्री जिले के बड़े मुद्दों से परिचित ही नहीं है। वरना राष्ट्रीय स्तर के बाणदा बाँध और विस्थापित आदिवासियों के मुद्दे पर वो अपडेट रहती। साथ ही जावद जनपद अध्यक्ष के ऊपर रिश्वत को लेकर लोकायुक्त की कार्यवाई को लेकर भी अनभिज्ञता नहीं दर्शाती। कहीं न कहीं जिले के भाजपा नेता और जनप्रतिनिधियों का ही उदासीन रवैया है जिसके कारण प्रभारी मंत्री को नीमच जिले की बड़ी हलचलों की तनिक भी जानकारी नहीं है। पहले भी मंत्री नीमच की सबसे ज्वलंत बंगला बगीचा समस्या को लेकर गैर जिम्मेदाराना बयान दे चुकी है।