नीमच। शासन व्दारा संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में बैंकों को आवंटित किए गए लक्ष्य के अनुपात में प्रति माह लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित करें और हितग्राहियों के ऋण स्वीकृत कर, वितरण करें। सभी बैंक शाखाएं योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति पर विशेष ध्यान दें। यह बात कलेक्टर दिनेश जैन ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक में बैंक शाखावार योजनावार लक्ष्यों की पूर्ति की समीक्षा करते हुए कही। बैठक में सांसद प्रतिनिधि पवन कुमार दुबे, विधायक प्रतिनिधि नीलेश पाटीदार, जिला पंचायत सीईओ गुरूप्रसाद, रिर्जव बैंक प्रतिनिधि, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सत्येन्द्र शर्मा, व सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधक व जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में अब तक लाभांवित हुए हितग्राहियों से सतत संपर्क व समन्वय संबंधित अधिकारी करें तथा हितग्राहियों को बैंक से प्राप्त ऋण राशि समय पर चुकाने के लिए प्रेरित कर, ऋण जमा करवाएं। जिससे कि हितग्राहियों के बैंक खाते एनपीए ना हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ गुरूप्रसाद ने बैंकर्स से कहा कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में डीबीटी इनबल्ड करने के लिए हितग्राही महिला को बैंक शाखा में नहीं बुलाया जाए। उनके सहमति पत्र प्राप्त कर, उनके बैंक खाते डीबीटी इनबल्ड करें। इसी तरह मनरेगा के श्रमिकों को भी भुगतान के लिए बैंक शाखा ना बुलाया जाए।
बैठक में बताया गया कि नीमच जिले का औसत सीडी रेश्यो 96.2 प्रतिशत है। जो अच्छा है। बैठक में एसबीआई, आईडीबीआई और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधकों को सीडी रेश्यों बढाने के निर्देश दिए गए है। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, किसान क्रेडिट योजना, संत रविदास योजना, डॉ.भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना, भगवान बिरसामुण्डा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना, उच्च शिक्षा ऋण योजना, की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
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