नीमच। नर्सिंग के छात्र छात्राओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय नीमच पर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।
तहसीलदार यशपाल मुजाल्दा को दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि मध्यप्रदेश में विगत 3 वर्ष से नर्सिंग की परीक्षाएं आयोजित नहीं हो रही है। नर्सिंग विद्यार्थियों ने शासन के द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेकर अपना अध्यापन एवं प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है। परंतु परीक्षा ना होने से नर्सिंग के विद्यार्थियों का कोर्स 2 वर्ष बढ़ गया है।जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। आने वाले समय में रोजगार के अवसरों में आयु सीमा की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मध्य प्रदेश मेडिकल विश्वविद्यालय एवं मध्य प्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल शिक्षण सत्रों के कैलेंडर समय का पालन नहीं कर पा रहा है।इसलिए नर्सिंग विद्यार्थियों एवं नर्सिंग कॉलेजों के विषय में समाज में एवं शासन प्रशासन के समक्ष भ्रामक नकारात्मक सोच बनती जा रही है। बताते चलें कि आज विश्व नर्सिंग दिवस है। मध्यप्रदेश में 2020-21 एवं 2021-22 प्रवेशित विद्यार्थियों की आज दिनांक तक परीक्षा नहीं हुई है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम नर्सिंग विद्यार्थियों के मन में खुशी ना होकर हमारे भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। इसलिए आज हम विश्व नर्सिंग दिवस भी नहीं मना रहे हैं। कोरोना काल में जिला प्रशासन के कहने पर हमने जान की परवाह किए बगैर अल्टरनेट स्टाफ के रूप में कार्य किया। जिसके बदले में हमें कुछ नहीं मिला। विद्यार्थियों ने राज्यपाल से आग्रह किया की मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए नर्सिंग विद्यार्थियों की परीक्षा का आयोजन करवाया जाए।
ज्ञापन देने वाले ज्ञानोदय संजीवनी और आरबीएस नर्सिंग के बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। नीमच में करीब 400 छात्र-छात्राएं नर्सिंग के अध्ययन से जुड़े हुए है। ज्ञापन का वाचन ज्ञानोदय नर्सिंग कॉलेज के प्राध्यापक कपिल चौधरी ने किया।