भोपाल। विवेक राजपूत आयुष्मान योजना में इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों की अब हर तीन महीने में रैंकिंग जारी की जाएगी। मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं और उनके फीडबैक के आधार पर रैंकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य होगा। मरीज इस रैंकिंग के आधार पर ये तय कर पाएंगे कि उन्हें किस अस्पताल में अच्छा इलाज मिलेगा।
यह हर 3 महीने में जारी होगी। रैंकिंग निर्धारित करने के लिए 13 मापदंड तय किए गए हैं। एक सप्ताह में इनकी सूची संबंधित अस्पतालों को भेज दी जाएगी। अस्पताल अपनी कमियां सुधार सकेंगे। 15 दिन बाद तमाम संबद्ध अस्पतालों के आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। अधिकतम 150 अंक होंगे। पिछले तीन महीनों के डेटा का आकलन कर सितंबर में रैंकिंग की पहली सूची जारी की जाएगी। इस रैंकिंग में टॉप 3 हॉस्पिटल को पुरस्कृत किया जाएगा।
हॉस्पिटल द्वारा भेजे गए क्लेम में से मंजूर क्लेम का प्रतिशत। हॉस्पिटल में भर्ती कुल मरीजों में से कितनों ने शिकायत की। भर्ती होने वाले मरीजों की ओर से नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट और स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट की ओर से प्राप्त फीडबैक। कॉल सेंटर पर मरीजों की ओर दिया जाने वाला फीडबैक।
आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध प्राइवेट अस्पतालों के लिए हर तीन महीने में रैंकिंग जारी की जाएगी। सितंबर से इसकी शुरुआत की जा रही है। मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा। अदिति गर्ग, सीईओ, आयुष्मान भारत, मध्य प्रदेश