उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की अध्ययन शालाओं में इस वर्ष कम प्रवेश होने के कारण एक बार फिर एडमिशन की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब विद्यार्थी 31 अगस्त तक अध्ययन शालाओं में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। इधर शिक्षा सत्र की शुरुआत होने के बावजूद दो महीने तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं पर असर पड़ेगा।
विश्वविद्यालय की अध्ययन शालाओं में प्रवेश के लिए 14 अगस्त तक की तारीख रखी गई थी लेकिन लगभग डेढ़ हजार विद्यार्थियों ने ही अब तक प्रवेश लिया है। इसके कारण सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया अब शैक्षणिक सत्र 2023-24 में स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रमाण पत्र, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा (फार्मेसी अध्ययनशाला के पाठ्यक्रमों को छोडकर) प्रथम वर्ष या सेमेस्टर में सीयूईटी एवं सीधे प्रवेश के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है।
प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित अध्ययनशाला, संस्थान या विभाग से संपर्क कर सकते हैं। पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रवेश एवं शुल्क जमा करा सकेंगे। प्रो. शर्मा के अनुसार विक्रम विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अब तक 4623 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं।
जिनमें से 1552 विद्यार्थियों ने फीस जमा कर दी है। इधर प्रवेश की तारीख बढ़ने से समय पर कोर्स पूरा करवाने और परीक्षाएं संचालित करने की चुनौती से विश्वविद्यालय को जूझना पड़ेगा। क्योंकि दो माह तक केवल प्रवेश प्रक्रिया चलने की वजह से देरी से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का समय पर कोर्स पूरा करवाने की चुनौती रहेगी। इस देरी की वजह से सेमेस्टर परीक्षाएं भी समय से करवाने की मुश्किल सामने आएगी। हालांकि कुलानुशासक प्रो. शर्मा का कहना है कि विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर कोर्स को समय पर पूरा करवाया जाएगा और समय पर परीक्षाएं करवाई जाएंगी।