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August 16, 2023, 8:31 pm
KHABAR : जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक दल ने किया विकासखण्ड खातेगांव के ग्रामों में सोयाबीन एवं मक्का फसल का निरीक्षण, कृषकों को दी आवश्यक सलाह, पढ़े खबर

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देवास। जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक दल द्वारा विकासखण्ड खातेगांव के ग्राम ओंकारा, सातल, सगोना, कालीबाई, पटरानी, निवारदी, मचवास, रतनपुर, गोपालपुर, हरणगांव, करोंदखुर्द आदि ग्रामों में सोयाबीन एवं मक्का फसल का निरीक्षण खेतों में जाकर किया। जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक दल में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र देवास डॉ. मनीष कुमार, सहायक संचालक कृषि लोकेश गंगराड़े, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एन.एस.गुर्जर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी केएस यादव शामिल थे।

भ्रमण के दौरान फसलों में कहीं-कहीं सफेद मक्खी, तम्बाकू की इल्ली, तना मक्खी, गर्डल बीटल इत्यादि कीटों का आंशिक प्रकोप पाया गया। साथ ही एन्थ्रेकनोज एवं येलो वेन मोजेक जैसे रोगों का प्रकोप भी देखा गया। दल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मनीष कुमार ने पत्ती खाने एवं रस चूसने वाले कीटों से बचाव के लिए थायोमिथोक्सम 12.60 प्रतिशत+लेम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत, जेडसी 125 एमएल प्रति हेक्टेयर अथवा इण्डोक्साकार्व 15.8 ईसी 333 एमएल प्रति हेक्टेयर अथवा इमामेक्अीन बेन्जोएट 425 एमएल प्रति हेक्‍टेयर अथवा क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 9.3 प्रतिशत+लेम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 4.60 प्रतिशत जेड.सी. 200 एमएल प्रति हेक्टेयर के छिड़काव की अनुशंसा की है। साथ ही फफूंदजनति रोगों के प्रकोप से सुरक्षा हेतु टेबूकोनाजोल 25.9 ईसी 625 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा टेबूकोनाझोल 10 प्रतिशत+सल्फर 65 प्रतिशत डब्ल्यूजी 1250 ग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा कार्बेन्डाजिम+मेन्न्कोजेब 63 प्रतिशत डब्ल्यूपी 1250 ग्राम प्रति हेक्टेयर अनुशंसित फफूंदनाशकों के छिड़काव की सलाह दी है। पौधों की रोग प्रतिरोध क्षमतावर्धन हेतु 0:0:50 (घुलनशील पोटाश) का 2.5 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना भी लाभदायक रहेगा।

सहायक संचालक कृषि लोकेश गंगराड़े ने बताया कि कीटनाशक का छिडकाव करते समय पानी की पर्याप्त मात्रा का होना आवश्यक है। हस्तचलित स्प्रेयर पंप से यह मात्रा 450 लीटर प्रति हेक्टेयर एवं पॉवर स्प्रेयर से 350 लीटर प्रति हेक्टेयर अनुशंसित है।

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