मंदसौर। शासकीय कन्या महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य डॉ उमा गगरानी द्वारा बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना व महिला बाल विकास के संयुक्त तत्वाधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्वाचन एक लोकतांत्रिक महोत्सव है, जिसके प्रति छात्राओं को जागरूक करने के लिए भी छात्राओं को निर्मिक मतदान की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान महाविद्यालयीन स्टॉफ व छात्रायें एवं महिला बाल विकास विभाग का स्टॉफ उपस्थित था।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि ममता खिंची महिला बाल विकास जिला समन्वयक द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत छात्राओं को बताया कि माँ का पहला गाढा दूध जिसे कोलेस्ट्रम कहते है। यह अत्यधिक पौष्टिक होता है। एक प्रकार से यह बच्चे का पहला टीका होता है। यह बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। किसी भी हालत में एक घण्टे के अंदर मां को पहला स्तनपान शिशु को कराना ही चाहिए। स्वस्थ मॉं स्वस्थ शिशु को जन्म देती इसलिए गर्भवती माता अपने खान पान के विशेष ध्यान रखे। यदि माता को दूध नहीं आता है, तो आमतौर पर हम गाय का दूध दें देते है। लेकिन प्रयास करें कि छः माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाय कामकाजी महिलायें अपना दूध फ्रीज में रखकर स्टेलाइज्ड चम्मच कटोरी से शिशु को दे सकती है। बॉटल फीड बच्चे के लिए जहर के समान हैं, इसलिए इसे बनते कोशिश शिशु के लिए उपयोग ना करें। कार्यक्रम का संचालन डॉ राजश्री ठाकुर कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना ने किया एवं आभार डॉ स्मिता मण्डलोई ने माना।