सतना। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के अन्तर्गत प्रत्येक गांव और निकाय के वार्ड स्तर पर लाडली बहना सेना का गठन किया गया है। सतना जिले में 1950 लाडली बहना सेना का गठन हो चुका है। जिसमें 24925 महिला सदस्य है। जिले में गठित लाडली बहना सेना की सदस्यों को ग्राम स्तर और सेक्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिलाने कलेक्ट्रेेट सभाकक्ष में मास्टर ट्रेनरों को लाडली सेना के कार्य दायित्वों एवं योजनाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना और लाडली सेना के बारे में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की सर्वाेच्च प्राथमिकता की योजना के तहत प्रत्येक गांव एवं नगरीय निकाय के वार्ड में लाडली बहना सेना के गठन के प्रावधान किये गये हैं। जिनमें 1500 से अधिक आबादी के गांव में 21 महिलायें और 1500 से कम आबादी के गांवों में 11 सदस्यीय महिलाओं की सेना बनाने का प्रावधान है। प्रत्येक नगरीय निकाय के वार्ड में भी गठित करने का प्रावधान किया गया है। इनमें शामिल सदस्य महिलाओं में 50 प्रतिशत लाभान्वित लाडली बहना और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रखा जाना अनिवार्य है। सतना जिले के 1730 गांव और 220 नगरीय वार्डों को मिलाकर 1950 लाडली सेना गठित कर पोर्टल पर दर्ज की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि लाडली सेना की बहनें अपने गांव या वार्ड में महिलाओं के कल्याण और हितार्थ संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता लाकर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने में सहायता करेगी। महिलाओं को जागरूक करने के साथ शिक्षा, पोषण, स्वच्छता के क्षेत्र सहित समाज में व्याप्त कुरीतियों, सामाजिक भेदभाव को दूर करने का काम भी करेगी। प्रत्येक लाडली बहना सेना में एक सेना प्रभारी और एक सेना सह प्रभारी होगी। उस गांव की जागरूक आगनवाड़ी कार्यकर्ता लाडली सेना की समन्वयक होगी। लाडली सेना की सदस्य बहनों को सेक्टर स्तर पर 21 और 22 अगस्त को आगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को इन मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण देकर 24 और 25 को आगनवाड़ी और गांव स्तर पर महिला सेना सदस्यों का प्रशिक्षण होगा। लाडली बहना सेना की मास्टर ट्रेनरों को महिला कल्याण और उनके अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में संचालित सभी योजनाओं एवं कार्यक्रम तथा अधिनियमों की जानकारी दी गई। पुलिस के सायबर सेल प्रभारी अजीत सिंह ने सायबर अपराध और उनसे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी। सहायक संचालक श्यामकिशोर द्विवेदी, अमर सिंह, सीडीपीओ राजेन्द्र बागरे ने महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं एवं लोक अभियोजक ने घरेलू हिंसा एवं अपराध के प्रावधान एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर महिला बाल विकास विभाग के सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर उपस्थित थे।