सीधी। समाज के विभिन्न वर्गों में आत्मीयता का भाव बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग म.प्र. शासन द्वारा प्रदेश व्यापी स्नेह यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के मूल में समता, सहयोग, सादगी और समर्पण के भाव को लेकर अपनत्व और नैसर्गिक स्वरूप में वंचित वर्गों और पूज्य साधु-संतों का सद्भाव मिलन है। मध्यप्रदेश में आयोजित हो रही यह स्नेह यात्रा अध्यात्म के प्रभाव के साथ-साथ समाजिक समरसता के लिए अनूठी पहल है। सीधी जिले में संत स्वामी दिवाकर दास जी महाराज के नेतृत्व में यात्रा संचालित हो रही है।
गुरुवार को यात्रा के दूसरे दिवस विकासखंड कुसमी के ग्राम धूपगढ़ में आयोजित संवाद कार्यक्रम में संत दिवाकर दास जी महाराज ने कहा कि भगवान राम का जीवन संपूर्ण रूप से समाज को अलौकिक मार्ग प्रशस्त करने वाला है अगर भगवान राम एक पुत्र के रूप में अपने माता-पिता के साथ में रहकर जीवन गुजारे होते तो आज पूरे विश्व में अखिल संसार में भगवान राम नहीं कहलाते। भगवान राम के जीवन में निस्वार्थ सेवा भाव और समाज का कल्याण रहा इसीलिए आज वह पूज्य है। समाज को भी इस बात से प्रेरणा लेकर ऊंच-नीच छुआछूत को भुलाकर समरस समाज का निर्माण करने के लिए आगे आना चाहिए तथा समतामूलक समाज का निर्माण कर अपने राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने के लिए आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए। परम पूज्य स्वामी जी द्वारा विकासखंड कुसमी के विभिन्न गांव में स्नेह और परस्पर प्रेम बनाए रखने हेतु संदेश देते हुए आमगांव, पौड़ी, बस्तुआ, पिपराही कुंदरिया एवं विभिन्न ग्रामों का भ्रमण करते हुए रात्रि विश्राम बस्तुआ में किया गया।
मध्य प्रदेश शासन के द्वारा आयोजित स्नेह यात्रा का संचालन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद जिला सीधी के द्वारा किया जा रहा है। यात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठन जैसे गायत्री प्रज्ञा पीठ, रामचंद्र मिशन, जिला योग समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन, सांस्कृतिक संगठनों के द्वारा यात्रा का संचालन किया जा रहा है।
19 अगस्त को स्नेह यात्रा छुही से शुरू होकर खन्तरा, बघैरा, पोड़ी, रूपईडोल, अमझर, सेधवा में दोपहर भोजन उपरांत कोटरो, करवाही, छवारी, बरसेनी, नारो, गिजवार, गिजवार में रात्रि भोजन सहित सिलवार, दुधमनिया, बकवा में संवाद एवं स्वागत सभा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।