भोपाल। बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) में एलीवेटेड ब्रिज को सरकार ने मंजूरी दी है। इसके चलते निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इससे पहले कई व्यापारी ब्रिज को बैरागढ़ के बीचोंबीच से न निकालते हुए तालाब किनारे से बनाने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर वे शुक्रवार को पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से भी मिलने पहुंचे।
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भगवानदेव इसरानी एवं नरेश ज्ञानचंदानी के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह से मुलाकात की और अनुरोध किया कि ब्रिज को शहर के बीचोंबीच से न बनाकर तालाब के किनारे से बनाया जाए। जिससे व्यापारियों का नुकसान भी नहीं होगा और शहर भी खूबसूरत रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में भगवानदेव इसरानी, नरेश ज्ञानचंदानी, ब्लाक अध्यक्ष एवं पार्षद अशोक मारण, पार्षद लक्ष्मण राजपूत, आनंद सबधाणी, नरेश गिदवानी, दिलीप ज्ञानचंदानी एवं शहर के कई संगठनों के व्यापारी शामिल थे।
मुलाकात के दौरान पूर्व सीएम को एक नक्शा भी दिखाया गया। जिसमें ब्रिज की चौड़ाई 44 मीटर बताई गई है। इसरानी ने कहा कि जबकि शहर में 22 मीटर जगह उपलब्ध है। यदि 44 मीटर ब्रिज बना तो शहर की सभी दुकानें टूटेगी। व्यापारियों ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमारी चार पीढ़ियां हो गई हैं। चार पीढ़ियों की मेहनत के बाद व्यापार खड़ा किया है। यदि इतनी चौड़ाई वाला ब्रिज बना तो हमारे परिवार का भविष्य बर्बाद हो जाएगा और शहर की तबाही होगी। इस पर पूर्व सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखने की बात कही।
इधर, इस नक्शे को पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने फर्जी बताया है। ईई ब्रिज जावेद शकील ने बताया कि यह एक गुगल मैप है। जिसमें किसी ने शुरुआत से आखिरी तक 44 मीटर लाइन कर दी। यह नक्शा कोई ऑफिशियल नक्शा नहीं है, बल्कि फर्जी है। 44 मीटर चौड़ाई का कोई इश्यू नहीं है। एक ओर साढ़े 10 मीटर की लेन है और दूसरी ओर भी इतनी ही चौड़ाई है। यानी, कुल 21 मीटर चौड़ाई रहेगी। वर्तमान में ब्रिज निर्माण के दौरान 24 मीटर की चौड़ाई हर जगह उपलब्ध है। हमने भी नप्ती की है। जिसमें कोई निर्माण नहीं आ रहा है।
बीआरटीएस की सेंटर लाइन से ब्रिज शुरू होगा। लाऊखेड़ी के पास 44 मीटर चौड़ाई रहेगी, जबकि आखिरी में कुछ मीटर यही चौड़ाई रहेगी। संत हिरदाराम नगर में यह चौड़ाई नहीं है। यह ब्रिज व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि 60 प्रतिशत ट्रैफिक संत हिरदाराम नगर से बाहर ही निकल जाएगा, जबकि मार्केट में आने वाली 40 प्रतिशत जनता को कोई दिक्कत नहीं होगी।