खरगोन। मप्र शासन द्वारा 16 अगस्त से स्नेह यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को यात्रा के तीसरे दिन यात्रा बड़वाह जनपद में प्रवेश की। यात्रा संतांे के सानिध्य में गांव कस्बों और नगरों की बस्तियों में पिछड़े वर्गों के साथ संवाद कर सामाजिक विकृतियों को दूर करने के लिए जागरूकता का कार्य कर रही है। शुक्रवार को यात्रा बागोद से होकर रुपाला, बावी और मुख्त्यारा होकर दोपहर में बलवाड़ा पहुँची। यात्रा में शामिल सन्त श्री सीताराम जी महाराज ने संत्संग में कहा कि समाज में विकृतियों को दूर करने का भोजन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। समाजजन एक दूसरे के साथ भोजन करें तो आपस में पनपी कटुता दूर हो सकती है। इसलिए एक दूसरे के घर जाकर भोजन ग्रहण करना चाहिए। हर दिन मंदिर जाए प्रतिदिन ईश्वर की प्रार्थना करना चाहिए। सन्त की कोई जाति नहीं होती है, संत सभी को सूरज के समान ऊर्जा प्रदान करते हैं। यात्रा के दौरान शामिल संतों ने ग्रामीणों से समरसता व सद्भावना के साथ व्यवहार पर जोर दिया। संतांे ने जनसमूहों को सन्तो ने अपने हाथों से रक्षा सूत्र बांधे और हनुमान चालीसा के पाठ करवाये। इस दौरान जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विजय शर्मा और नवांकुर समितियों के सदस्य व मेंटर उपस्थित रहें।
समाज में कही भेदभाव तो दूर करना हमारी ही जिम्मेदारी-
यात्रा में शामिल स्वामी हरिओमानंद ने कहा कि समाज मंे कही छुटपुट भेदभाव है तो उसे हम सब मिलकर दूर कर सकते हैं। ये समाज की ही जिम्मेदारी है। जैसे शरीर के सभी अंग एक दूसरे के सहयोग व समन्वय से चलते हैं तो वैसे ही समाज भी अंगों के साथ ही चल सकता है। यात्रा में शामिल संत व अन्य संस्थाएं इस दौरान भोजन में केवल खिचड़ी का भोजन ही ग्रहण कर रहे हैं। जिसे प्रसाद के रूप में भी परोसा जाता है। तीसरे दिन यात्रा दोपहर बाद कुंडिया थरवर से सोरठीबारुल होकर बड़वाह में प्रवेश करेगी। रात्रि विश्राम बड़वाह में होने के बाद सुबह पुनः प्रारम्भ होगी।