खरगोन। जिले के अग्रणी महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा प्राचार्य डॉ आरएस देवड़ा के मार्गदर्शन में प्रभावी संप्रेषण का आधार व्याकरण विषय पर शनिवार को एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान अग्रणी महाविद्यालय खरगोन तथा शासकीय महाविद्यालय सनावद के बीच हुए एमोयू के अंतर्गत आयोजित हुआ। इस दौरान दौरान प्रो संगीता पाटीदार ने कहा कि किसी भी भाषा का आधार उसके व्याकरण पर आधारित होता है। संप्रेषण को प्रभावी बनाने के लिए भाषाई व्याकरण मजबूत होना चाहिए। आपके द्वारा बोली जानेवाली भाषा में व्याकरण संबंधी त्रुटि न हो तो वह निश्चित रूप में प्रभावी संप्रेषण की श्रेणी में आता है। डॉ तुषार जाधव ने विद्यार्थियों को एमओयू के बारे में जानकारी प्रदान कर उसकी उपयोगिता के बारे में बताया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ गायत्री चौहान ने विद्यार्थियों को अध्ययन के समय व्याकरण की बारीकियों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ छीतुसिंह चौहान, डॉ तुषार जाधव, डॉ रंजिता पाटीदार एवं समस्त छात्र छात्राऐं उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन डॉ वैशाली मोरे तथा आभार डॉ हमीर देसाई ने माना।