नीमच। प्रदेश में एक्टिव मानसून पर ब्रेक लग गया है। मानसूनी सिस्टम के कमजोर पड़ने से प्रदेश के कई जिलों में सुखे जैसे तस्वीरे दिखाई दे रही है। यही स्थिति मालवा के रतलाम, मंदसौर व नीमच जिले की भी है। यहां पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। बारिश की खेंच ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी कुछ दिन और बरसात नहीं हुई तो फसलों को नुकसान पहुंचने लगेगा। नीमच जिले में चालू वर्षा काल में अब तक 20.9 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
आईएमडी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में अभी मानसूनी सिस्टम एक्टिव नहीं है। इस कारण प्रदेश के अधिकांश जगह मौसम शुष्क हो रहा है। हालांकि, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। आगामी 5 से 6 सितंबर तक मौसम शुष्क ही रहने की संभावना बन रही है। इसके बाद फिर मानसून के सक्रिय होने से झमाझम बारिश के आसार है।
आगामी 24 घंटे में यहां होगी बारिश-
प्रदेश में आगामी 24 घंटे मौसम खुला ही रहेगा। कहीं तेज धूप खिलेगी तो कहीं बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज तेज धूप खिलने का अनुमान है। दोपहर बाद बादल छा सकते हैं। वहीं इंदौर में धूप-छांव वाला मौसम रहेगा। तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है। ग्वालियर में तेज धूप निकलने का अनुमान है। इससे गर्मी और उमस का असर बढ़ सकता है। जबलपुर में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। धूप-छांव वाला मौसम रहेगा। इसके अलावा उज्जैन, रतलाम, मंदसौर व नीमच में तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है। इन जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।